उत्तराखंड में मंगलवार को बारिश का दौर जारी रहा। बीच-बीच में सूर्यदेव भी चमके, लेकिन अधिकांश वक्त बादलों का जमावड़ा रहा।
6.1 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड
देहरादून में भी तेज हवाओं के बीच बौछारें पड़ीं। शाम साढ़े पांच बजे तक कुल 6.1 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। आर्द्रता का अधिकतम प्रतिशत 93, न्यूनतम प्रतिशत 44 दर्ज किया गया।
इससे पूर्व सुबह साढ़े आठ बजे राजधानी में 4.1 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई थी। चमोली, रूद्रप्रयाग के बेहद ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ ही हिमपात भी हुआ। मुक्तेश्वर में बारिश का माप 0.8 मिलीमीटर दर्ज किया गया।
कुमाऊं क्षेत्र में बारिश का जोर अधिक
राज्य मौसम केंद्र की मानें तो बुधवार को भी मौसम का यह रंग बने रहने की संभावना है। बारिश और बर्फबारी बनी रह सकती है। खास तौर पर कुमाऊं क्षेत्र में बारिश का जोर अधिक रहेगा।
दून में भी आंशिक बादलों के साथ शाम को गरजन वाले बादल विकसित होने की आशंका है। अधिकतम तापमान में बढ़ोत्तरी, जबकि न्यूनतम तापमान में कमी दर्ज की जा सकती है। यह क्रमश: 24 और 10 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है।
देवभूमि पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान हैं इंद्रदेव
देवभूमि उत्तराखंड पर इंद्रदेव लगातार मेहरबान हैं। रंग पर्व होली के नजदीक आ चुकने के बावजूद इंद्रदेव की मेहरबानी अभी जारी है।
विशेषज्ञ होली के भी कुछ हद तक भीगा रहने की संभावना जता चुके हैं। अबकी औसत से ज्यादा बारिश हो रही है।
बारिश ने जमाया अपना प्रभुत्व
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के (आईएमडी) के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रदेश भर में 27 फरवरी से लेकर पांच मार्च को समाप्त हुए सप्ताह में सामान्य से 231 प्रतिशत अधिक बारिश रिकार्ड की गई है।
इस समयावधि में बारिश का रिकार्ड 44 मिलीमीटर दर्ज किया गया है, जबकि सामान्य रूप से इस दौरान 13.3 मिलीमीटर बरखा दर्ज की जाती है। साफ है कि बारिश ने पूरी तरह से अपना प्रभुत्व जमाए रखा है।
अधिक बरसात दर्ज की गई
इसी तरह भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का बीती एक जनवरी से 28 फरवरी तक दो महीने के बारिश के आंकड़े पर गौर करें तो इस दौरान 38 प्रतिशत अधिक बरसात दर्ज की गई है।
अमूमन इस दौरान सामान्य रूप से बारिश 106.2 मिलीमीटर रहती है, लेकिन अबकी दफा 146.2 मिलीमीटर बरसात रिकार्ड की गई है।
मसूरी और आसपास के इलाकों में गिरे ओले
पहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार बारिश होने से जनजीवन प्रभावित हो गया है। ठिठुरन बढ़ने से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
नगर में सोमवार को पारा पांच डिग्री से नीचे पहुंच गया। रात में पारा एक से शून्य डिग्री पर रहा। मंगलवार को धनोल्टी और आसपास के इलाकों में जमकर ओले और बर्फ की फुहारें गिरीं।
सोमवार तड़के से बारिश का सिलसिला शुरू हो गया था। इससे पर्यटन नगरी फिर से शीतलहर की चपेट में आ गई है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ी। बारिश से माल रोड पर अन्य दिनों की अपेक्षा कम चहलपहल दिखाई दी।
ऊंची चोटियों पर हिमपात
मौसम के बदले मिजाज से विकासनगर/चकराता की ऊंची चोटियां एक बार फिर बर्फ से लकदक हो गई हैं। वहीं, छावनी बाजार क्षेत्र में भी बर्फ की फुहारें गिरी, जिससे क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है।
एक से दो फीट तक हिमपात
बताते हैं देववन, मुंडाली, मोल्टा, मोराज, बागीधार, कांडी, कनासर समेत ऊंची पहाड़ियों में एक से दो फीट तक हिमपात हुआ है। इससे क्षेत्र का तापमान लुढ़क गया है।
मंगलवार को चकराता का न्यूनतम तापमान -1 डिग्री और विकासनगर का 11 डिग्री रिकार्ड किया गया। सोमवार देर रात से क्षेत्र में हल्की बारिश शुरू हुई।
चकराता छावनी बाजार क्षेत्र में दोपहर 12 बजे से रुक-रुक कर बर्फ की फुहारें गिरती रही। विकासनगर में देर रात शुरू हुआ बारिश का दौर मंगलवार को भी जारी रहा।