कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों जहां भी जाते हैं वहां के प्रमुख मीडिया के लोगों से अलग से बात कर रहे हैं। ऐसा ही करीब एक घंटे का कार्यक्रम देहरादून की चुनिंदा मीडिया के साथ एक होटल में रखा गया।
दरअसल मोदी की तर्ज पर कांग्रेस इन दिनों राहुल गांधी की ब्रांडिंग कर रही है। इसकेके लिए बाकयदा दिल्ली से सांसद अजय माकन के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई है, जो देश भर में उनके कार्यक्रम से पहले संबंधित जगह जाकर इसकी तैयारी करती है। प्रमुख समाचार पत्रों व इलेक्ट्रानिक मीडिया के प्रतिनिधि राहुल से रूबरू होते हैं।
ऑफ द रिकॉर्ड हो गया आम
मीडिया को इस शर्त के साथ राहुल गांधी से मिलाया गया कि मुलाकात हुई, लेकिन क्या बात हुई यह समाचार पत्र और न्यूज चैनल पर नहीं आए। हालांकि राहुल गांधी के साथ बंद कमरे में करीब से हुई बातचीत में अधिकतर बातें राहुल गांधी ने अपने भाषण में कह दीं।
उन्होंने मंच से न सिर्फ पत्रकारों से हुई मुलाकात का जिक्र किया बल्कि महिला शक्ति की बात कह उन्होंने आखिरी सवाल पूछने वाली महिला पत्रकार का भी हवाला दिया।
इस ऑफ द रिकार्ड बातचीत में देहरादून के पत्रकारों के साथ जो सवाल जवाब हुए उनमें से ऐसा कुछ भी नहीं था जिसे देश की जनता से छुपाया जाए।
मीडिया से मिलने का मौका
अजय माकन का कहना है कि इस कार्यक्रम को कतई पत्रकार वार्ता नहीं बनाना चाहते हैं। इसका उद्देश्य मीडिया को उनके विचारों और उनकी सोच को परखने का मौका देना है।
राहुल गांधी के ईदगिर्द करीब चालीस कुर्सी पड़ी थीं जिस पर मीडिया कर्मी थे। सामने की ओर राहुल गांधी, हरीश रावत, यशपाल आर्य, अंबिका सोनी, संजय कपूर थे। राहुल आए सबसे बारी-बारी हाथ मिलाया और सबसे सभी से कुर्सियां और पास करने को कहा। राहुल ने बड़ी बेबाकी से सवालों के जवाब दिए।
कहा सारे आइडियाज कांग्रेस की देन
उन्होंने पिता के हत्यारों को माफ देने लेकिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या के मामले में 23 साल का वक्त लगने जैसी बात कही। उन्होंने कहा देश में जितने आइडियाज हैं वे कांग्रेस की देन हैं। जिन्हें बाद में दूसरे दलों ने चुरा लिया।
उन्होंने भ्रष्टाचार केलिए केंद्रीयकृत सिस्टम को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने समाज और अपनी पार्टी में पॉवर के डिसेंट्रलाइजेशन की बात कही। महिलाओं को अधिक अधिकार और उम्मीदवारों का चयन सीधे लोगों की राय से करने की बात कही।