कनखल में गंगा किनारे स्थित राधाकृष्ण का मंदिर अद्भुत है। इस मंदिर का स्वामी कोई धरती वासी नहीं, अपितु साक्षात भगवान ही हैं।
मुरलीमनोहर और राधारानी जिस मंदिर के मालिक हो, भला उस पर कोई गलत निगाह डाल सकता है। हुआ ऐसा ही है। पर कमाल देखिए कि जिसने भी गलत निगाह डाली उसी ने खता खाई।
भगवान राधाकृष्ण का मंदिर वास्तव में किसने बनवाया कोई नहीं जानता। इसे कईं राजाओं से जोड़ा गया है। बाद में राजा की एक बांदी इस मंदिर की पूजा-अर्चना करती रही। चूंकि मंदिर से सटा एक विशाल बाग भी नगर के बीचों-बीच स्थित है, अत: भूमाफियाओं की निगाहें मंदिर पर अनेक बार लगीं।
तमाशा यह कि जिसने भी मंदिर पर कब्जा कर बेचना चाहा, वह बर्बाद हो गया। हाल ही में सुधीर गिरी हत्याकांड में पकड़े गए आशीष टुल्ली ने भी मंदिर का बाग कटवाकर भूमि बेचने की कोशिश की थी। हश्र सामने हैं।