उत्तराखंड में हाल ही में हुए 15 आईएएस और पीसीएस के तबादलों में से एक आईएएस अफसर के तबादले को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोग सरकार के इस फैसले से हैरानी में पड़ गए हैं। वहीं अब अपने इस निर्णय को लेकर कहीं न कहीं सरकार भी सोचने पर मजबूर हो गई है।
बता दें कि आईएएस अफसर नितिन भदौरिया को लेकर सरकार का फैसला किसी के गले नहीं उतर रहा है। हरीश रावत सरकार ने अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में भदौरिया को पिथौरागढ़ का डीएम बना दिया था। हालांकि पारिवारिक कारणों से उन्होंने डीएम का चार्ज नहीं लिया।
बाद में उन्हें शासन में अपर सचिव की जिम्मेदारी प्रदान की गई। अब राज्य सरकार ने उन्हें हरिद्वार का सीडीओ बना दिया है। हालांकि सरकार को इस तरह के निर्णय लेने के पूरे अधिकार हैं, लेकिन अमूमन एक बार किसी अफसर को डीएम बनाने के बाद सीडीओ बनाने के उदाहरण ढूंढने से भी नहीं मिलते।