दरगाह साबिर पाकके सालाना उर्स मेले में परिवार से बिछड़े 23 बच्चों को पुलिस और स्मार्ट सेफ्टी टैग टीम ने उनके परिजनों से मिलाया। बच्चों की पहचान कर उन्हें सकुशल परिवार तक पहुंचाने में क्यूआर कोड आधारित तकनीक ने अहम भूमिका निभाई। बच्चों के मिलने पर परिजनों ने पुलिस और टीम का आभार जताया।
एसएसपी हरिद्वार के निर्देश और सीओ भगवानपुर के नेतृत्व में उर्स मेले के दौरान बच्चों के बिछड़ने की घटनाओं को देखते हुए नेक्सयोरा टेक्नोलॉजी की स्मार्ट सेफ्टी टैग टीम के सहयोग से क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू की गई थी। पुलिस हेल्प डेस्क, स्वयंसेवकों और खोया-पाया केंद्रों के माध्यम से बिछड़े बच्चों की जानकारी एकत्र की गई।
क्यूआर कोड तकनीक से बच्चों की पहचान और उनके परिजनों तक पहुंचने की प्रक्रिया आसान हुई। उर्स मेले के दौरान कुल 23 बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया गया। इस उपलब्धि पर एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने कलियर पुलिस और स्मार्ट सेफ्टी टैग टीम के सदस्यों को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया।