सूचना पर एसओ राजपुर मय फोर्स मौके पर पहुंचे। उन्होंने दरवाजा खोला तो शैलेंद्र अंदर फांसी पर लटका हुआ था। पुलिस ने उसके दून में रहने वाले रिश्तेदारों को मौके पर बुलाया और फोरेंसिक जांच के लिए सैंपल भी लिए।
पता चला कि शैलेंद्र की पत्नी की करीब डेढ़ साल पहले पास के एक निजी अस्पताल में कैंसर के चलते मौत हो गई थी। इसी के कारण वह डिप्रेशन में चल रहा था।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि शैलेंद्र की कोई संतान नहीं है। वह अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता था। हमेशा व अपने पास उसका दुपट्टा रखता था। परिजनों ने आशंका जताई कि वह केवल आत्महत्या के इरादे से ही यहां आया था। उसने अस्पताल के पास वाले होटल को ही आत्महत्या के लिए चुना और उसी दुपट्टे से फांसी भी लगा ली।