बैठक से पहले हरीश रावत का कहना था कि ऐसा नहीं है कि पार्टी ने पूरी कांग्रेस नवजोत सिंह सिद्धू को सौंप दी है। पार्टी के वरिष्ठ अम्बिका सोनी, कैप्टन अमरिंदर सिंह, तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा, सुखजिंदर रंधावा, सुख सरकारिया, चरनजीत सिंह चन्नी लंबे समय से कांग्रेस की सेवा कर रहे हैं। मैं उनकी बातें सुनकर समाधान का रास्ता निकालूंगा।
हरीश रावत ने कहा कि 2016 में मेरे खिलाफ जिन विधायकों ने विरोध का बिगुल बजाया उनके पीछे एक पार्टी का हाथ था। पंजाब में स्थिति ऐसी नहीं है, वहां पार्टी के भीतर ही कुछ बातों को लेकर विधायक और मंत्रियों में मनमुटाव है। इसका समाधान निकाल लिया जाएगा।
हरीश रावत ने एएनआई से कहा है कि जब हम पंजाब कांग्रेस कमेटी में बदलाव लाए, तो हमें बाद में सामने आ सकने वाले संभावित मुद्दों के बारे में विचार आया था। सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर सभी को भरोसा है। हम इसे सुलझाने की कोशिश करेंगे।
बता दें कि इससे पहले नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब कांग्रेस का प्रधान बनने के बाद यह माना जा रहा था कि पार्टी के सभी अंदरूनी विवाद शांत हो जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। कैप्टन अमरिंदर सिंह और सिद्धू खेमे के बीच चिंगारी और भड़क गई है।
कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने मंगलवार को अपने आवास पर कैप्टन अमरिंदर सिंह विरोधी कांग्रेस नेताओं की बैठक बुलाई थी। इस दौरान खुले तौर पर कैप्टन को हटाए जाने की मांग उठाई गई थी। जिसके बाद सभी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू से मुलाकात की थी।
मौजूदा हालात के बारे में हाईकमान को जानकारी देंगे सिद्धू
नवजोत सिंह सिद्धू ने तृप्त बाजवा और बाकी विधायकों से बात करने के बाद कहा था कि वे पार्टी में जारी मौजूदा हालात के बारे में पार्टी हाईकमान को जानकारी देंगे। वहीं पंजाब प्रभारी हरीश रावत ने बताया कि कैप्टन और सिद्धू के बीच अब कोई विवाद नहीं है। पार्टी में जो भी हालात अब पैदा हुए हैं, उसके बारे में वे सारी जानकारी हाईकमान को देंगे।
रावत ने बताया था कि पंजाब कांग्रेस के कुछ विधायक उनसे मिलने देहरादून पहुंच रहे हैं। विधायक जो कुछ बताएंगे, उसकी पूरी सूचना हाईकमान तक पहुंचाई जाएगी।