उत्तराखंड के पौड़ी जिला अस्पताल में डॉक्टरों की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे नागरिक संघर्ष समिति के लोगों ने विधायक सुंदरलाल मंद्रवाल को जबरन धरने पर बैठा दिया था।
हालांकि इस दौरान पालिकाध्यक्ष और धरने पर बैठे कर्मचारी नेताओं के बीच तीखी नोक-झोंक के बीच मौका पाते ही विधायक समर्थक उन्हें धरने से उठाकर ले गए। इस बीच विधायक समर्थकों और धरना दे रहे लोगों के बीच काफी नोक-झोंक भी हुई।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों के रिक्त पदों पर तैनाती करने की मांग को लेकर नागरिक संघर्ष समिति के पदाधिकारी शनिवार को चौथे दिन भी धरने पर डटे रहे। करीब साढ़े ग्यारह बजे पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम भी धरना स्थल पहुंचे।
समर्थन देने की बात कही
आंदोलन को भी समर्थन देने की बात भी कही। इसी दौरान को समिति के लोगों की पालिकाध्यक्ष के बीच नोक-झोंक हो गई। कुछ देर बाद मामला शांत हुआ। करीब 11.45 बजे विधायक सुंदर लाल मंद्रवाल धरना स्थल पहुंचे। विधायक के मौके पर पहुंचते ही आंदोलनकारियों ने उनके खिलाफ नारेबाजी कर गुस्से का इजहार किया।
बाद में उन्हें जबरन धरने पर बैठा दिया। इस दौरान एसपी धस्माना, भगवान सिंह टम्टा, रघुवीर सिंह, पूर्व सभासद कुसुम चमोली ने विधायक को खूब खरी-खोटी सुनाई। इसी दौरान पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम और कर्मचारी नेता सोहन सिंह रावत के बीच किसी बात को लेकर तीखी नोक-झोंक हुई।
इस बीच विधायक के समर्थकों ने मौका देखते ही करीब 12.30 बजे विधायक को धरना स्थल से उठाकर उनकी गाड़ी में बिठा दिया। इस दौरान विधायक के समर्थकों और धरना दे रहे लोगों के बीच भी तीखी नोक-झोंक हुई। विधायक के मौके से जाने के बाद मामला शांत हुआ।
विधायक से की डॉक्टरों की तैनाती की मांग
धरना स्थल पर नागरिक संघर्ष समिति के अध्यक्ष जगदीश बिष्ट, व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजेंद्र रावत, कांग्रेस जिला महामंत्री गिरीश बड़थ्वाल आदि ने विधायक से अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती कराने की मांग की।
इस पर विधायक ने अस्पताल में रोटेशन के अनुसार एक-एक माह के लिए डॉक्टरों को भेजे जाने बात कही, लेकिन आंदोलनकारी इससे सहमत नहीं हुए। बाद में विधायक की ओर से देहरादून जाकर मामले को मुख्यमंत्री के सामने रखने का आश्वासन दिया गया।