उत्तराखंड के गोपेश्वर में शुक्रवार को एनसीसी की छात्राओं को लेकर गई बस का रास्ता भटकने के कारण अफरातफरी का माहौल बन गया।
रास्ता भटकने के कारण यह बस शिविर में दो घंटे देर से पहुंची। इस बीच कुछ छात्राओं ने अपने घर फोन कर बस के हरिद्वार-रुड़की के बीच भटकने की सूचना पर अभिभावक चिंतित हो गए।
हालांकि दो घंटे विलंब से कैंप में सकुशल पहुंचने की सूचना मिलने पर उन्होंने राहत की सांस की। अभिभावकों में इस बात को लेकर रोष है कि छात्राओं के साथ कोई शिक्षिका नहीं भेजी गई।
अभिभावक परेशान हो उठे
रुड़की में दस दिवसीय एनसीसी कैंप में भाग लेने के लिए शुक्रवार को गोपेश्वर से रवाना हुई जीजीआईसी की छात्राओं द्वारा मोबाइल से बस के हरिद्वार और रुड़की के बीच भटकने की सूचना देने पर अभिभावक परेशान हो उठे।
उन्होंने बताया कि बस के भटकने से डर लग रहा है। बस में उनके साथ कोई शिक्षिका भी नहीं है।
कई छात्राएं रोने लगी
अभिभावक महेंद्र सिंह रावत और ओम प्रकाश नेगी का कहना है कि छात्राओं के साथ शिक्षिका भेजी जानी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि बस के भटकने से छात्राएं घबरा गईं थी।
कई छात्राएं तो बस में ही रोने लगी। उनका कहना है कि यह शिक्षा विभाग और एनसीसी कार्यालय के अधिकारियों का गैर जिम्मेदाराना कार्य है।