अब नशे का धंधा छोड़ेंगे, दूध की डेरी खोलेंगे.. जैसे नारों के साथ उत्तराखंड में महिलाएं ठेके के विरोध में उतरी हैं।
गोतीर्थाश्रम के पास शराब की दुकान का विरोध कर रही महिलाओं ने दुकान के बाहर दूध, दही और छांछ बेचने का निर्णय लिया है। साथ ही उन्होंने 24 घंटे के भीतर दुकान शिफ्ट न किए जाने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
मंगलवार को गोतीर्थाश्रम के पास शराब की दुकान को अन्यत्र शिफ्ट किए जाने की मांग को लेकर आंदोलित महिलाओं ने तहसील का घेराव किया। विरोध को लेकर महिलाओं ने शराब कारोबारियों की शव यात्रा भी निकाली। इस दौरान महिलाओं ने कहा कि शराब के अलावा प्रदेश के राजस्व बढ़ाने के और भी तरीके है।
'सरकार अपना राजस्व बढ़ाने की चिंता में शराब को बढ़ावा दे रही है'
वाइन, ड्राइ डे
- फोटो : फाइल फोटो
आंदोलनकारी महिलाओं ने कहा कि सरकार अपना राजस्व बढ़ाने की चिंता में शराब को बढ़ावा दे रही है। इस मौके पर समाज सेवी सरिता नेगी ने महिलाओं की मुहिम को समर्थ देते हुए कहा कि शराब समाज के लिए नासूर बन गई है।
महिलाओं ने क्षेत्रीय विधायक के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि इस मुहिम में विधायक की चुप्पी चिंता का विषय है। कहा कि जहां पर ठेका खोला गया है वहां पर गोतीर्थाश्रम, महिला छात्रावास के साथ ही चौरास का मुख्य रास्ता है।
उन्होंने चेताया कि अगर 24 घंटे के भीतर ठेका अन्यत्र शिफ्ट नही किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में प्रेमबल्लभ नैथानी, नवीन प्रकाश नौटियाल, आयुष मियां, दिनेश पवांर, अंकित रावत, नीरज कपरवाण, डा. अरविंद दरमोड़ा, राजेश्वरी जोशी, मीना रावत, मनोरमा रात, मंजूलता, अंजू भट्ट, लाजवंती, सुरजी, रोशनी, शांति, पूर्णा देवी, सीमा, कमला जैन, सावित्री, विनिता, सत्या काला, इंद्रा बिष्ट आदि शामिल थे।