गुरमीत राम रहीम इंसां की फिल्म ‘द मैसेंजर ऑफ गॉड’ रिलीज होने से पहले ही चौतरफा विरोध झेल रही है। पंजाब में फिल्म की रिलीज पर रोक लगने के बाद अब उत्तराखंड के सिख संगठन सक्रिय हो गए हैं।
उनका कहना है कि फिल्म में राम रहीम ने खुद को भगवान दिखाना चाहा है। इसका विरोध किया जाएगा। यही नहीं मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिलकर प्रदेश में फिल्म पर रोक लगाने की मांग होगी। हालांकि इस संबंध में सिनेमाघरों में भी बात की जा रही है, ताकि फिल्म रिलीज न हो सके।
फिल्म आने के बाद बाबा का असली चेहरा सबके सामने आ जाएगा कि वो वाकई बाबा हैं कि रॉक स्टार है। अध्यात्म ने कभी भी पाश्चात्य संस्कृति को नहीं स्वीकारा है। फिल्म में गुरमीत राम रहीम ने खुद को भगवान बताया है। हम इसका विरोध करते हैं। कुछ सिनेमाघरों से बातचीत हो गई है। मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें एक ज्ञापन भी दिया जाएगा। इसके माध्यम से उत्तराखंड में इस फिल्म पर रोक लगाए जाने की मांग की जाएगी।
- देवेंद्र पाल, राज्य संयोजक अकाल पुरख की फौज
फिल्म उत्तराखंड में रिलीज न हो
सिख धर्म में किसी व्यक्ति को गुरु का लिबास नहीं पहनाया जा सकता है। किसी व्यक्ति को हम अपने गुरुओं का रूप नहीं दे सकते हैं। ऐसे में राम रहीम खुद को भगवान कैसे दिखा सकते हैं। फिल्म उत्तराखंड में रिलीज न हो, इसके लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। इसका हर तरह से विरोध किया जाएगा।
- बलजीत सोनी, अध्यक्ष उत्तराखंड सिख विकास परिषद
फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा कि उसमें क्या है। हालांकि जहां तक ट्रेलर देखे हैं उनमें तो गुरमीत राम रहीम खुद को भगवान के मैसेंजर बताते नजर आ रहे हैं। फिर भी पूरी फिल्म देखे बिना इसका विरोध भी नहीं किया जा सकता है। यदि वाकई फिल्म में ऐसा कुछ होगा तो जरूर विरोध किया जाएगा।
- सेवा सिंह मठारू, सचिव गुरुद्वारा सिंह सभा (आढ़त बाजार)
कोई भी धर्मात्मा हमारे गुरुओं का मुकाबला नहीं कर सकता है। वो कतई गुरु का लिबाज धारण नहीं कर सकता है। इसके बावजूद राम रहीम ने ऐसा किया है। हम इसके कड़े विरोध में हैं। फिल्म का उत्तराखंड में रोक लगाने का प्रयास किया जाएगा। इस संबंध मुख्यमंत्री से वार्ता की जाएगी। जो भी संभव होगा करेंगे।
- हरपाल सिंह सेठी, अध्यक्ष सिख महासभा