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सांप्रदायिक हिंसा बिल आया तो देश में फैलेगी 'नफरत'

Wed, 11 Dec 2013 07:23 PM IST
अमर उजाला, हरिद्वार
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धर्मनगरी हरिद्वार के संतों ने ऐलान किया है कि अगर शीतकालीन सत्र में सांप्रदायिक हिंसा निवारण बिल लाया गया तो वे संसद का घेराव करेंगे। उन्होंने देशव्यापी आंदोलन भी शुरू करने की चेतावनी दी है। संतों ने बिल को हिंदू विरोधी करार दिया।
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नागरिकों के बीच शत्रुतापूर्ण भाव फैलेगा
जूना अखाड़े में बिल को लेकर अनेक संतों ने मंत्रणा की। बाद में अभा हिंदू रक्षा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष महामंडलेश्वर पंचानंद गिरि ने इस निर्णय की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि धार्मिक हिंसा के नाम पर हिंदू विरोधी बिल लाने की तैयारी कांग्रेस कर रही है। हाल की पराजय से सबक सीखे बगैर देश के नागरिकों के बीच शत्रुतापूर्ण भाव रखने वाला यह बिल लाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
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सांप्रदायिक हिंसा का जहर फैल जाएगा
बिल में समाज का विभाजन ग्रुप के नाम से किया गया है। बिल के नौ अध्याय हैं। 138 धाराओं वाले बिल के पास हो जाने से सांप्रदायिक हिंसा का जहर पूरे देश में फैल जाएगा।

स्वामी पंचानंद गिरि ने कहा कि बिल की धारा तीन के अनुसार अगर हिंदुओं को अल्पसंख्यक वर्ग द्वारा जान-माल की क्षति पहुंचाई जाएगी तो इसे सांप्रदायिक हिंसा नहीं माना जाएगा।

इसके विपरीत अल्पसंख्यक समुदाय के कार्य में बाधा पहुंचाने व उनका अपमान करने को शत्रुतापूर्ण वातावरण फैलाने वाला कृत्य माना जाएगा। बिल के सारे कानून हिंदुओं के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में हिंदू महासभा व हिंदू जागृति मंच बिल के विरुद्ध आंदोलन चलाएगा।

संसद का घेराव
देश के 15 राज्यों में आंदोलन का प्रथम चरण प्रारंभ हो चुका है। पंजाब में रक्षा समिति धरना दे रही है। बिल आया तो साधु समाज सत्र के चलते संसद का घेराव करेगा।

देशव्यापी आंदोलन में अखाड़ा परिषद, संत समिति तथा शिव सेना ने भाग लेना फैसला किया है। इससे पूर्व आज हुई बैठक परिषद महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि, विद्यानंद सरस्वती, प्रेम गिरि, राजू बाबा, गोपालानंद महाराज आदि अनेक संतों ने विचार रखे।
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