डीजीपी ने डीआईजी कुमाऊं और दोनों जिलों के कप्तानों की बैठक ली, जिसमें अपराधों पर नियंत्रण और अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर व संपत्तियां जब्त करने के निर्देश दिए।
उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर और नैनीताल में लगातार बढ़ रहे अपराधों पर डीजीपी अशोक कुमार ने नाराजगी जताई। बृहस्पतिवार को डीजीपी ने डीआईजी कुमाऊं और दोनों जिलों के कप्तानों की बैठक ली, जिसमें अपराधों पर नियंत्रण और अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर व संपत्तियां जब्त करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने तत्काल आरोपियों को पकड़ने के निर्देश भी दिए। ऊधमसिंह नगर में सराफा कारोबारी से गैंगस्टर लारेंस विश्नोई और गोल्डी बरार के नाम पर रंगदारी मांगने और हल्द्वानी में सिपाही की पत्नी को चाकू मारने समेत कुछ घटनाओं से दोनों जिलों में कानून व्यवस्था बिगड़ने लगी है, जिससे लोगों में भय और रोष है।
खासकर ऊधमसिंह नगर में व्यापारियों में दहशत है, क्योंकि काशीपुर शहर के तीन सराफा व्यापारियों को रंगदारी मांगने के लिऐ इंटरनेट कॉल का प्रयोग किया गया है। जिस नंबर से फोन आया, वह यूके का बताया जा रहा है।
हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने सेटेलाइट फोन से कॉल होने से इन्कार किया है। महल हत्याकांड के बाद अब अंतरराष्ट्रीय गैंग के काशीपुर कनेक्शन ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। एसओजी व साइबर सेल मोबाइल नंबर की जांच में जुट गई है।
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मंगलवार की शाम शहर के तीन सराफा व्यापारियों से 1.30 करोड़ की रंगदारी मांगने व रंगदारी न देने पर शूट करने की धमकी दी गई थी। इसे लेकर डीजीपी ने तत्काल आरोपियों को पकड़ने और उनके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अपराधों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए।