उत्तराखंड के हजारों शिक्षकों का प्रवक्ता और सहायक अध्यापक एलटी के पदों पर पदोन्नति का अरमान अधूरा रह सकता है।
प्रदेश सरकार प्रदेशभर के स्कूलों में खाली पड़े प्रवक्ता के 4201 और सहायक अध्यापक एलटी के 5788 पदों पर अतिथि शिक्षकों की भर्ती की तैयारी में है। इस संबंध में जल्द शासनादेश लाने की भी तैयारी है। शिक्षक संगठनों को सरकार का यह कदम रास नहीं आ रहा।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से शिक्षकों के हजारों पद खाली हैं। शासन स्तरीय सूत्रों का कहना है कि लोक सेवा आयोग के जरिये इतने पदों पर शिक्षकों की नियमित भर्र्ती करने में लंबा वक्त लग जाएगा। जबकि सरकार की कोशिश है कि पिछड़ते सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था जल्द मजबूत की जाए।
ऐसे में सरकार ने अतिथि शिक्षकों की भर्ती का निर्णय किया है। इसके तहत हर साल प्रवक्ता और सहायक अध्यापक एलटी के रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षक भर्ती किए जाएंगे। ब्लॉकवार भर्ती में संबंधित ब्लाक के निवासी अभ्यर्थी को ही जरूरी अर्हताएं पूरी करने पर आउटसोर्सिंग के जरिये तैनाती दी जाएगी। दो-चार वर्ष में सभी पद भर लिए जाएंगे।
खास बात यह है कि अतिथि शिक्षकों की भर्ती से प्रवक्ता पद पर नियमित शिक्षकों की पदोन्नति के रास्ते बंद हो जाएंगे। हालांकि, शासन का कहना है कि प्रवक्ता पदों पर नियमित शिक्षक मिलते ही अतिथि शिक्षकों को हटा दिया जाएगा। लेकिन, शिक्षक संगठन इससे खफा हैं। उनका कहना है कि यह कदम पहले से तैनात शिक्षकों पर कुठाराघात है।
कहां कितने पद खाली
प्रवक्ता कुमाऊं मंडल-2182
सहायक अध्यापक एलटी कुमाऊं मंडल-2751
प्रवक्ता गढ़वाल मंडल-2019
सहायक अध्यापक एलटी गढ़वाल मंडल-3037
शिक्षक वर्षों से प्रमोशन की आस लगाए हुए हैं। लेकिन पद ही खाली नहीं रहेंगे तो प्रवक्ता के पद पर प्रमोशन कैसे होेंगे। अतिथि शिक्षकों की भर्ती हुई तो संगठन सड़क पर उतर जाएगा। एक बार भर्ती के बाद अतिथि शिक्षकों को हटाना आसान नहीं होगा।
- करनैल सिंह, प्रदेश अध्यक्ष राजकीय शिक्षक संघ
प्रवक्ता एवं सहायक अध्यापक एलटी के पद पर अतिथि शिक्षक सीमित समय के लिए ही रखे जाएंगे। शिक्षकों को चिंता की जरूरत नहीं है। शिक्षकों की सीधी भर्र्ती या प्रमोशन से शिक्षक आते रहेंगे। ऐसे में अतिथि शिक्षकों को हटा दिया जाएगा।
- एमसी जोशी, शिक्षा सचिव