त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट में यह देनी होगी जानकारी
- भवन निर्माण में पिछले तीन महीनों में हुई वृद्धि।
- फाइनेंशियल अपडेट, खरीदारों से प्राप्त रकम का कितना हिस्सा किस मद में खर्च किया गया।
- प्लॉट, अपार्टमेंट, यूनिट की बुकिंग की वर्तमान स्थिति।
- गैरेज, कवर पार्किंग की बुकिंग की जानकारी।
- बेसमेंट, फ्लोर, सुपर स्ट्रक्चर, लिफ्ट, वाटरहेड टैंक, परिवहन का विवरण।
- आर्किटेक्ट, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, रियल एस्टेट एजेंट आदि में परिवर्तन की जानकारी।
- यदि 10 दिनों के भीतर कोई जवाब नहीं मिलता है तो प्रमोटर को सुनवाई के लिए बुलाएगा और जुर्माना लगाया जाएगा।
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प्रमोटर्स को परियोजनाओं की क्यूपीआर हर तीसरे वित्तीय माह में दाखिल करनी होगी। जिन प्रमोटर्स ने पिछली क्यूपीआर दाखिल किए बिना नई क्यूपीआर दाखिल की है, उनके लिए पिछली क्यूपीआर दाखिल करना अनिवार्य है। क्यूपीआर दी गई तिमाही के 15 दिनों के अंदर दाखिल करना आवश्यक होगा। इस प्रक्रिया का सख्ती के साथ पालन कराने के पीछे उद्देश्य प्रमोटर्स व खरीदारों के बीच पारदर्शिता बढ़ाना है। - नरेश सी मठपाल, सदस्य, उत्तराखंड रेरा