हर ब्लॉक में पहली कक्षा से संस्कृत विद्यालय खुलेगा
हर जिले में सरकार की पांच ऐसे संस्कृत विद्यालय खोलने की योजना है, जहां पहली से पांचवी तक संस्कृत शिक्षा दी जाए। यानी सरकार कम से कम हर ब्लाॅक में एक ऐसा संस्कृत प्रवेशिका (विद्यालय) खोलना चाहती है। फिलहाल परिषद के पास देहरादून से चार और हरिद्वार से एक प्रस्ताव आया है। अन्य जिलों से भी प्रस्ताव आ रहे हैं। प्रदेश में 100 से अधिक संस्कृत विद्यालय व महाविद्यालय हैं, जिनमें तकरीबन सभी में कक्षा छह से शिक्षा दी जाती है।
संस्कृत तक सीमित न रहें छात्र, विज्ञान भी पढ़ें
राज्य में संचालित 100 से अधिक संस्कृत विद्यालय और महाविद्यालय केवल संस्कृत शिक्षा तक सीमित न रहें। अगले सत्र से इन विद्यालयों में गणित, विज्ञान, जीव विज्ञान सरीखे प्रमुख विषयों को पढ़ने का भी विकल्प दिया जाएगा। साथ ही सरकार की अगले सत्र से संस्कृत विद्यालयों में वैदिक गणित शुरू करने की भी योजना है।
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विद्यालयों के साथ-साथ सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों के बीच संस्कृत संभाषण शिविर की शुरुआत करने जा रहे हैं। 15-15 दिन के ये शिविर पहले चरण में सचिवालय , विधानसभा, मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय और राजभवन सचिवालय में आयोजित होंगे। इसके बाद इसे अन्य संस्थानों में शुरू किया जाएगा। इस शिविर में संस्कृत के बुनियादी जानकारी के साथ संवाद की जानकारी भी दी जाएगी।- दीपक कुमार, सचिव (संस्कृत शिक्षा)