यमुना और आसन नदी में भारी मात्रा में गाद आने से डाकपत्थर और आसन बैराज से पानी छोड़ा गया। इससे ढालीपुर और ढकरानी में सात घंटे और कुल्हाल जल विद्युत परियोजना में एक घंटे उत्पादन ठप रहा। गाद की मात्रा कम होने के बाद नहर में पानी छोड़ा गया। उसके बाद उत्पादन शुरू हुआ।
पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में बुधवार की रात हुई तेज बारिश से नदियों में गाद की मात्रा बढ़ गई। बृहस्पतिवार को डाकपत्थर बैराज से 36,422 क्यूसेक पानी छोड़ा गया और शक्तिनहर को बंद कर दिया। उसके बाद ढालीपुर (51 मेगावाट) और ढकरानी (33.7 मेगावाट) जल विद्युत परियोजना में सुबह करीब 3.15 मिनट पर उत्पादन बंद हो गया। गाद कम होने के बाद शक्तिनहर में पानी छोड़ा गया। करीब 10.01 मिनट पर दोनों जल विद्युत परियोजनाओं में उत्पादन शुरू हुआ।
वहीं, आसन नदी में गाद की मात्रा बढ़ने पर बैराज से 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे दोपहर 1.30 से 2.30 तक कुल्हाल जल विद्युत परियोजना में उत्पादन ठप रहा। यूजेवीएनएल के जनसंपर्क अधिकारी विमल डबराल ने बताया कि नदियों में पीपीएम की मात्रा बढ़ने पर ढालीपुर, ढकरानी और कुल्हाल जल विद्युत परियोजनाओं में उत्पादन प्रभावित हुआ। गाद की मात्रा कम होने के बाद सभी परियोजनाओं में उत्पादन शुरू करा दिया गया।