जमीनों के मामले में बाबा रामदेव की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। प्रदेश सरकार ने हाल ही में उनके प्रतिष्ठानों पर जमीन से जुड़े 81 मामले दर्ज कराए हैं। 32 मामले विचाराधीन हैं। अब पांच नए मामले सामने आए हैं।
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सोमवार को रुड़की तहसील में बाबा के प्रतिष्ठानों की जमीनों से जुड़े इन मामलों में गड़बड़ियां पकड़ में आने की बात कही गई है। तहसील अधिकारियों की ओर से पांचों मामले जिलाधिकारी कार्यालय को भेज दिए गए हैं।
32 मामले शासन के पास विचाराधीन
जिलाधिकारी ने वाद दायर करने से पहले जिला शासकीय अधिवक्ता से विधिक राय मांगी है। उसके बाद पांचों मामलों में वाद दायर किया जा सकता है। मालूम हो कि बाबा की जमीनों से जुड़े 32 मामले शासन के पास विचाराधीन हैं।
जिला प्रशासन ने स्टांप ड्यूटी से जुड़े इन मामलों में रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी है। शासन से इन मामलों में गाइड लाइन मांगी है। पहले सोमवार तक इन मामलों में वाद दायर होने की उम्मीद थी।
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सोमवार को दिनभर जिला प्रशासन की निगाह शासन की ओर लगी रही। लेकिन कोई निर्देश नहीं मिले। जिले के अधिकारियों का कहना है कि शासन से शीघ्र निर्देश मिलने की उम्मीद है।
कार्रवाई से विधायक खफा
लक्सर के भाजपा विधायक संजय गुप्ता ने बाबा रामदेव के खिलाफ प्रदेश सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई पर चिंता जताई। प्रेस बयान में उन्होंने कहा कि बदले की भावना से की जाने वाली कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है।
स्वामी रामदेव ने जब से कालेधन के विरुद्ध आवाज उठाई हैं, वे कांग्रेसियों के दुश्मन बन गए हैं। गुप्ता ने कहा कि बाबा का योग को दिया गया योगदान विश्वभर में सराहा जा रहा है। भाजपा बाबा के उत्पीड़न को कदापि बर्दाश्त नहीं करेगी।
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