भर्ती में देरी और अदालतों में समय रहते ठोस पैरवी नहीं होने से उत्तराखंड शिक्षकों की भर्ती के 4547 पद कानूनी दांव पेच में उलझ गए हैं। इसकी वजह से स्कूलों में शिक्षकों के सैकड़ों खाली पदों के लिए पात्र उम्मीदवार होने के बावजूद स्कूल शिक्षक विहीन हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए वर्ष 2013-14 में विज्ञप्ति प्रकाशित की गई थी, लेकिन समय पर भर्ती नहीं हो पाई। वर्ष 2013 में विज्ञप्ति निकालने के बाद फरवरी 2015 में शिक्षकों की भर्ती हुई, लेकिन 479 शिक्षकों ने चयन के बावजूद कार्यभार ग्रहण नहीं किया।
विभाग को 15 दिन में प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थियों की खाली पदों पर नियुक्ति करनी थी, लेकिन डेढ़ महीने बाद भी नियुक्ति नहीं हो पाई। विभाग की हीलाहवाली का नतीजा यह हुआ कि मार्च में सुप्रीम कोर्ट से भर्ती पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश जारी हो गए।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सरकार से दो हफ्ते में जवाब मांगा था, लेकिन विभाग को जवाब दाखिल करने में महीनों लग गए। बताया जा रहा है विभाग ने हाल ही में जवाब दाखिल किया है।
वहीं, सहायक अध्यापकों की 3094 पदों के लिए होने वाली भर्ती के लिए प्राविधिक शिक्षा परिषद की ओर से फरवरी 2014 में विज्ञप्ति निकालने के एक साल बाद 29 मार्च 2015 को इसकी परीक्षा हुई।
इसके परिणाम पर हाईकोर्ट से रोक लगी है। 10 हजार से अधिक बेरोजगार जहां सड़कों पर हैं। विभाग ने पहले भर्ती में देरी की और अब मामले की अदालत में ठोस पैरवी पर हीलाहवाली की जा रही है। यही वजह है कि महीनों बाद भी मामले लटके हैं।
कितने पद लटके
- सहायक अध्यापकों के 3094 पदों के लिए अभ्यर्थियों का रिजल्ट अटका
- प्राथमिक की काउंसिलिंग में नहीं पहुंचे 389 शिक्षक
- प्राथमिक में चयनित 90 शिक्षकों ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया
फरवरी में शिक्षकों की भर्ती का रिजल्ट घोषित होने के बाद विभाग 15 दिन में प्रतीक्षा सूची में शामिल शिक्षकों की भर्ती कर सकता था। इसके डेढ़ महीने बाद भी प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थियों को मौका नहीं दिया गया और मामला बाद में कोर्ट में लटक गया।
- बलदेव भंडारी, संरक्षक बीएड टीईटी पास प्रशिक्षित बेरोजगार महासंघ
शिक्षकों की भर्ती के लिए कोर्ट में हम कुछ मामलों में जवाब दाखिल कर चुके हैं। यह मामले हाईकोर्ट से देखे जाते हैं, कब तक इस पर क्या होगा कुछ कहा नहीं जा सकता।
- आनंद भारद्वाज, उप निदेशक विधि