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डेंगू का डर दिखा प्राइवेट अस्पतालों ने मचा रखी है लूट

Thu, 08 Sep 2016 03:21 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
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प्रदेश के ज्यादातर स्थानों में प्राइवेट अस्पताल मरीजों को डेंगू का डर दिखाकर लूट रहे हैं। केवल रेपिड टेस्ट के आधार पर वह मरीजों को डेंगू पीड़ित बता रहे हैं। साथ ही प्लेटलेट्स घटने पर भी डेंगू होने का डर दिखाया जा रहा है। जबकि सामान्य वायरल बुखार में भी यह स्थिति हो सकती है।
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मरीजों को चाहिए कि बिना एलाइजा टेस्ट करवाए वह ऐसे किसी भी भ्रम का शिकार ना हों। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. कुसुम नरियाल ने विभागीय अधिकारियों की बैठक लेते हुए इस संबंध में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

डेंगू की समीक्षा बैठक लेते हुए उन्होंने डेंगू से बचाव व नियंत्रण के लिए निदेशक स्वास्थ्य डॉ. आभा ममगाईं, अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. एसपी अग्रवाल व राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. किरन बिष्ट को आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में मरीज प्राइवेट अस्पतालों में उपचार कराने पहुंच रहे हैं, जिन्हें भ्रमित कर डेंगू पीड़ित होने की जानकारी दी जा रही है।
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उन्होंने प्राइवेट अस्पतालों को रेपिड टेस्ट के आधार पर मरीज को डेंगू पीड़ित ना बताने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को अस्पतालों के इस रवैये पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि डेंगू की प्रमाणिक एलाइजा जांच की सुविधा केवल दून अस्पताल और हिमालयन अस्पताल में ही उपलब्ध है।

उन्होंने देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल में फॉगिंग व अन्य डेंगू नियंत्रण कार्यक्रमों के लिए अलग बजट तत्काल जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सभी प्रमुख चिकित्सालयों में डेंगू रोगियों के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है।
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स्वास्थ्य सेवाएं हुई बदहाल, मंत्री दें इस्तीफा: नौटियाल

अनूप नौटियाल - फोटो : file photo
आम आदमी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल ने कहा कि डेंगू बीमारी के प्रति भी सरकारी तंत्र पूरी तरह फेल साबित हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के पास डेंगू के मरीजों की संख्या की भी ठीक से जानकारी नहीं है। डेंगू के प्रति सरकारी तंत्र लापरवाह साबित हो रहा है।

अगर ऐसा नहीं होता तो निजी अस्पतालों में डेंगू पीड़ितों की स्थिति से सरकारी तंत्र अछूता नहीं रहता। उन्होंनें कहा कि सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण डेंगू के टेस्ट तक के लिए भी मरीजों को निजी अस्पतालों पर निर्भर होना पड़ रहा है। इसका फायदा निजी अस्पताल उठा रहे हैं।

यह सीधे तौर पर सरकार की सुस्त कार्यप्रणाली और तंत्र की लापरवाही है।राज्य की बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जिम्मेवार स्वास्थ्य मंत्री नेगी को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
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