चकराता रोड स्थित आईएमए कार्यालय में प्रदेश सचिव डा. डीडी चौधरी ने सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और स्वास्थ्य सचिव से वार्ता के दौरान एक्ट में संशोधन पर सहमति बनी थी।
अब सरकार समझौते के बावजूद एक्ट में उनके सुझावों और संशोधनों को शामिल नहीं कर रही है। इससे आईएमए सदस्यों में रोष है। इसके चलते उन्हें तालाबंदी करने को मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि 17 फरवरी को काशीपुर में संघ की बैठक आयोजित होगी। इसमें तालाबंदी को लेकर फैसला लिया जाएगा।
सरकार वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के तहत हमें छूट नहीं दे रही है। आए दिन हमारे भवन प्रावधानों को लेकर शासन-प्रशासन की ओर से चेतावनी दी जा रही है। हमारे भवनों को अवैध बताया जा रहा है। जब हमारे भवन अवैध हैं तो हम खुद ही उन पर तालाबंदी कर रहे हैं।
-डा. संजय गोयल, अध्यक्ष, आईएमए दून