इसके तहत सेंट्रल जेल में सजा काट रहे 530 कैदियों और खुली जेल के 52 बंदियों में से जारी गाइड लाइन के नियमों के तहत आने वाले कैदी और बंदियों को डाटा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सप्ताह भर के भीतर रिपोर्ट आईजी कारागार को भेज दी जाएगी। इसी तरह हल्द्वानी, नैनीताल, हरिद्वार और देहरादून जेलों से भी गृह मंत्रालय को सूचना भेजी जा रही है।
जेलर जयंत पांगती ने बताया कि इस योजना में भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने गांधी जयंती पर रिहा होने वाले कैदियों के लिए राज्य सरकार की सहमति को भी जरूरी माना है। कैदियों का डाटा गृह मंत्रालय को भेजने के बाद राज्य सरकार की सहमति के बाद ही सामान्य अपराध में आने वाले कैदियों को रिहाई दी जा सकेगा।
74 कैदियों की रिहाई का नहीं पहुंचा आदेश
संपूर्णानंद सेंट्रल और खुली जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 74 कैदी 14 वर्ष से अधिक की सजा भोग चुके हैं। स्वतंत्रता दिवस पर सजा माफी के लिए इन कैदियों की फाइल शासन की रिव्यू कमेटी में हैं, जो स्वतंत्रता दिवस पर रिहाई की आस लगाए बैठे हैं। लेकिन, अभी तक शासन से स्वतंत्रता दिवस पर रिहा होने वाले कैदियों का कोई भी आदेश संपूर्णानंद शिविर जेल नहीं पहुंचा है। जेल अधीक्षक टीडी जोशी ने बताया कि शासन से आदेश मिलने के बाद ही कैदियों को रिहा किया जाएगा।