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केंद्र सरकार मेहरबान, गांधी जयंती पर कैदियों को मिलेगा रिहाई का तोहफा 

Tue, 07 Aug 2018 09:43 AM IST
यासीन अंसारी, अमर उजाला, सितारगंज
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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती और स्वतंत्रता संग्राम में अलग महत्व रखने वाली बापू की दांडी यात्रा के समापन दिवस पर भारत सरकार देश की जेलों में सामान्य अपराध में सजा काट रहे कैदियों को रिहाई का तोहफा देने जा रही है। इसके लिए गृह मंत्रालय से गाइडलाइन जारी हुई है। इसके बाद जेलों में ऐसे अपराधियों की सूची बनाई जा रही है। सप्ताह भर के भीतर ऐसे कैदियों का ब्योरा आईजी कार्यालय भेज दिया जाएगा। वहां से रिपोर्ट गृह मंत्रालय भेजी जाएगी। 

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तीन अगस्त को आईजी (कारागार) डॉ. पीवीके प्रसाद ने संयुक्त सचिव वूमन सेफ्टी, गृह मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन सभी जेलों को भेजी है। इसमें सामान्य अपराधों में सजा काट रहे कैदियों का ब्योरा मांगा गया है। जेल प्रशासन की मानें तो जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामान्य अपराध वाले कैदियों को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती, दांडी यात्रा समापन दिवस (छह अप्रैल 2019) और 151वीं गांधी जयंती (दो अक्तूबर 2019) पर तीन चरणों में जेल से रिहा करने की घोषणा की थी। 

संपूर्णानंद शिविर जेल के जेलर जयंत पांगती ने बताया कि गृह मंत्रालय की गाइडलाइन में 60 वर्ष के पुरुष, 55 वर्ष की महिला एवं किन्नर बंदी, मेडिकल बोर्ड से प्रमाणित शारीरिक रूप से 70 फीसदी दिव्यांग, ऐसे कैदी जो गंभीर रोग से पीड़ित हों  एवं दो तिहाई असल सजा पूरी कर चुके कैदियों की रिहाई के लिए ब्योरा मांगा गया है।

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राज्य सरकार की सहमति पर ही छूटेंगे 

trivendra singh rawat
इसके तहत सेंट्रल जेल में सजा काट रहे 530 कैदियों और खुली जेल के 52 बंदियों में से जारी गाइड लाइन के नियमों के तहत आने वाले कैदी और बंदियों को डाटा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सप्ताह भर के भीतर रिपोर्ट आईजी कारागार को भेज दी जाएगी। इसी तरह हल्द्वानी, नैनीताल, हरिद्वार और देहरादून जेलों से भी गृह मंत्रालय को सूचना भेजी जा रही है। 

जेलर जयंत पांगती ने बताया कि इस योजना में भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने गांधी जयंती पर रिहा होने वाले कैदियों के लिए राज्य सरकार की सहमति को भी जरूरी माना है। कैदियों का डाटा गृह मंत्रालय को भेजने के बाद राज्य सरकार की सहमति के बाद ही सामान्य अपराध में आने वाले कैदियों को रिहाई दी जा सकेगा। 

74 कैदियों की रिहाई का नहीं पहुंचा आदेश 
संपूर्णानंद सेंट्रल और खुली जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 74 कैदी 14 वर्ष से अधिक की सजा भोग चुके हैं। स्वतंत्रता दिवस पर सजा माफी के लिए इन कैदियों की फाइल शासन की रिव्यू कमेटी में हैं, जो स्वतंत्रता दिवस पर रिहाई की आस लगाए बैठे हैं। लेकिन, अभी तक शासन से स्वतंत्रता दिवस पर रिहा होने वाले कैदियों का कोई भी आदेश संपूर्णानंद शिविर जेल नहीं पहुंचा है। जेल अधीक्षक टीडी जोशी ने बताया कि शासन से आदेश मिलने के बाद ही कैदियों को रिहा किया जाएगा।
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