684 विचाराधीन और 566 सजायाफ्ता बंदी
एक आरटीआई के अनुसार, देहरादून के जिला कारागार की कुल क्षमता 580 कैदी रखने की है, लेकिन उसमें 900 से अधिक विचाराधीन और 369 सजायाफ्ता (जिनका दोष सिद्ध हो चुका) कैदी हैं। इसी तरह हल्द्वानी के जिला कारागार की क्षमता 635 कैदी रखने की है, लेकिन वहां 1300 विचाराधीन और 140 सजायाफ्ता कैदी हैं। हरिद्वार के जिला कारागार की क्षमता 888 कैदी रखने की है, लेकिन वहां 684 विचाराधीन और 566 सजायाफ्ता बंदी हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर सभी जेल अधीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं। ऐसे कैदियों की सूची बनाई जा रही है, उसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। -दधि राम, डीआईजी, जेल
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प्रदेश की जेलों में क्षमता से अधिक कैदी हैं। सबसे बुरा पहलू यह है कि कई ऐसे लोग हैं जो सालों की सुनवाई के बाद निर्दोष साबित या बरी होंगे, लेकिन उनकी जेल में बिताई अवधि की भरपाई नहीं हो सकती। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से कैदियों को राहत मिलेगी। -आरएस राघव, क्रिमिनल एडवोकेट