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सजा पूरी होने के बाद भी कैद, हरिद्वार जेल में भड़की 'चिंगारी'

Wed, 07 Sep 2016 10:38 AM IST
राकेश शर्मा / अमर उजाला, देहरादून
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जेल
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14 बरस की सजा पूरी करने वाले कैदियों की रिहाई की चिंगारी यूपी से हरिद्वार जेल तक पहुंच गई है।
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आगरा, झांसी, बदायूं और बरेली की जेलों में कुछ दिनों से आंदोलन का बिगुल बजा है। उत्तराखंड में ऐसे कैदियों की संख्या 139 के करीब है, इनमें से अधिकांश संगीन अपराधों में संलिप्त रहे हैं। बंदियों से कई दौर की बातचीत के बाद भी कोई राह नहीं निकल सकी है। ऐसे में अन्य जेलों में भूख हड़ताल की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है।

हरिद्वार जेल में आजीवन कारावास के रुप में 14 साल की सजा पूरी करने वाले कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर भूख हड़ताल चल रही है। आगरा जेल में 2200 के करीब बंदी कई दिन से इस मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। हरिद्वार जेल में तीन दिन से करीब 84 कैदी भोजन का बहिष्कार कर रहे हैं।
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पहले जेल प्रशासन ने उनके आंदोलन को छिपाने की भरसक कोशिश की। मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद जेल प्रशासन बातचीत के जरिये मामले को सुलझाने में लगा है। सूत्रों की मानें तो प्रदेश की जेलों में 14 साल की सजा पूरी करने वाले कैदियों की संख्या 139 के करीब है।
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आजीवन कारावास का मतलब जीवन भर की सजा

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जेल अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश कैदी ऐसे हैं, जो डबल मर्डर और नृशंस हत्या के मामले में सजा काट रहे हैं, जिनकी रिहाई से समाज को खतरा होने से इनकार नहीं किया जा सका है।

पुलिस महानिरीक्षक पीवीके प्रसाद की मानें तो कैदियों की रिहाई की मांग उचित नहीं है। सुप्रीम कोर्ट पहले ही यह साफ कर चुका है कि आजीवन कारावास का मतलब जीवन भर की सजा से है।

हरिद्वार जेल में बंदियों की भूख हड़ताल समाप्त कराने के लिए प्रयास चल रहे हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कई दौर की बातचीत कर चुके हैं। उम्मीद है कि जल्द ही यह विवाद सुलझा लिया जाएगा। यूपी की जेलों में चल रही भूख हड़ताल के बाद हरिद्वार में यह मामला उठा है। 
- पीवीके प्रसाद, आईजी जेल

आईजी जेल जाएंगे हरिद्वार
पुलिस महानिरीक्षक (जेल) पीवीके प्रसाद कैदियों के आंदोलन के मद्देनजर बुधवार को हरिद्वार जा सकते हैं। सूत्रों की मानें तो जेल प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के साथ वह आंदोलनकारी कैदियों के प्रतिनिधिमंडल से भी बातचीत कर सकते हैं।
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