14 बरस की सजा पूरी करने वाले कैदियों की रिहाई की चिंगारी यूपी से हरिद्वार जेल तक पहुंच गई है।
आगरा, झांसी, बदायूं और बरेली की जेलों में कुछ दिनों से आंदोलन का बिगुल बजा है। उत्तराखंड में ऐसे कैदियों की संख्या 139 के करीब है, इनमें से अधिकांश संगीन अपराधों में संलिप्त रहे हैं। बंदियों से कई दौर की बातचीत के बाद भी कोई राह नहीं निकल सकी है। ऐसे में अन्य जेलों में भूख हड़ताल की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है।
हरिद्वार जेल में आजीवन कारावास के रुप में 14 साल की सजा पूरी करने वाले कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर भूख हड़ताल चल रही है। आगरा जेल में 2200 के करीब बंदी कई दिन से इस मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। हरिद्वार जेल में तीन दिन से करीब 84 कैदी भोजन का बहिष्कार कर रहे हैं।
पहले जेल प्रशासन ने उनके आंदोलन को छिपाने की भरसक कोशिश की। मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद जेल प्रशासन बातचीत के जरिये मामले को सुलझाने में लगा है। सूत्रों की मानें तो प्रदेश की जेलों में 14 साल की सजा पूरी करने वाले कैदियों की संख्या 139 के करीब है।