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उत्तरकाशी: 66 वर्ष का इतिहास समेटे बंद हुआ प्राथमिक स्कूल पाटा, शिक्षा में सुधार के दावों की हकीकत कुछ और

Fri, 10 Apr 2026 01:56 PM IST
Renu Saklani विपिन नेगी, संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी

सार

66 वर्ष का इतिहास समेटे प्राथमिक स्कूल पाटा बंद हो गया। सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए प्रवेशोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही शासन-प्रशासन की ओर से सरकारी शिक्षा में सुधार के दावे लगातार किए जा रहे हैं, लेकिन उनकी हकीकत ग्रामीण क्षेत्रों में बंद हो रहे सरकारी विद्यालय बयां कर रहे हैं।
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प्राथमिक स्कूल पाटा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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भटवाड़ी विकासखंड के पाटा गांव का राजकीय प्राथमिक विद्यालय करीब 66 वर्ष बाद पूर्णत: बंद हो गया है। इस गांव में तीन सरकारी विद्यालय खोले गए थे जिनमें से अब एक राजकीय हाईस्कूल है, वह भी दो छात्र संख्या होने के कारण बंद होने की कगार पर है।

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प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए प्रवेशोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही शासन-प्रशासन की ओर से सरकारी शिक्षा में सुधार के दावे लगातार किए जा रहे हैं, लेकिन उनकी हकीकत ग्रामीण क्षेत्रों में बंद हो रहे सरकारी विद्यालय बयां कर रहे हैं। पाटा गांव में जनपद स्थापना के साथ वर्ष 1960 में राजकीय प्राथमिक विद्यालय की स्थापना की गई थी।

करीब पचास वर्षों तक यह विद्यालय छात्र-छात्राओं से आबाद रहा लेकिन पिछले दस वर्षों में ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों में अच्छी शिक्षा के लिए हुए पलायन के कारण यहां पर छात्र संख्या घटती रही। गत वर्ष तक यह स्थिति हुई कि यहां पर मात्र दो ही छात्र संख्या रह गई थी। इस वर्ष उनके उत्तीर्ण होने के बाद यहां पर नए प्रवेश न होने के कारण स्कूल बंद हो गया है।
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इससे पहले वर्ष 2023-24 में गांव का राजकीय जूनियर हाईस्कूल छात्र संख्या शून्य होने के कारण बंद हो गया था। अब वहां पर मात्र राजकीय हाईस्कूल संचालित हो रहा है। उसमें भी छात्र संख्या मात्र दो ही रह गई है।

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सेवानिवृत्त शिक्षक प्रद्युमन नौटियाल, देवेंद्र चौहान का कहना है कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि 66 वर्ष पूर्व स्थापित विद्यालय आज बंद हो गया है। इसके लिए सरकार और शासन को शिक्षा व्यवस्थाओं में सुधार लाने के लिए उचित नीतियां तैयार करनी होगी। खंड शिक्षा अधिकारी हर्षा रावत ने कहा कि राप्रावि पाटा में नए प्रवेश न होने के कारण उसके बंद होने का प्रस्ताव आया है। अब उसे बंद ही समझा जाएगा। 

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