आने वाले कुछ सालों में सभी प्राइमरी, अपर प्राइमरी, जूनियर हाईस्कूल और हाईस्कूल बंद हो जाएंगे। इनकी जगह 10 से 12 स्कूलों के बीच एक इंटरमीडिएट कॉलेज खोला जाएगा।
बंद होने वाले सभी स्कूलों के बच्चे और शिक्षक इस इंटर कॉलेज में समायोजित होंगे। सभी कैडर के शिक्षकों को इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रधानाचार्य के नेतृत्व में काम करना होगा। उत्तराखंड में शासन स्तर पर इस मॉडल पर काम करने के लिए प्लानिंग की जा रही है।
सरकारी शिक्षा की दशा सुधारने के लिए अधिकारी अलग-अलग राज्यों के एजूकेशन मॉडल का अध्ययन कर रहे हैं। देश के अलग-अलग राज्यों में सरकारी एजूकेशन सिस्टम का मॉडल अलग-अलग है। अभी तक अधिकारियों को जो मॉडल सबसे ज्यादा पसंद आया, वह राजस्थान का है। ज्यादातर अधिकारी इस मॉडल पर अपनी सहमति भी जता चुके हैं।