फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड सचिवालय में मीडिया की एंट्री पर बैन को लेकर PCI ने तलब की रिपोर्ट, मचा सियासी तूफान

Sat, 06 Jan 2018 01:07 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून/दिल्ली
विज्ञापन
trivendra singh rawat
विज्ञापन

उत्तराखंड सरकार द्वारा सचिवालय स्थित अनुभागों में पत्रकारों का प्रवेश प्रतिबंधित करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अब प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने इस मामले में राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की है।

विज्ञापन


इधर, सरकार के फैसले पर सियासी तूफान आ गया है। शुक्रवार को पूरा दिन कांग्रेस ने सरकार पर रह-रहकर हमले किए। कांग्रेस ने एलान किया कि मीडिया की आवाज दबाने वाला फैसला वापस नहीं हुआ, तो पार्टी आंदोलन करेगी।

वहीं, भाजपा का पूरा समय आज सफाई देने में गुजरा। देर रात, मुख्य सचिव कार्यालय से स्पष्टीकरण जारी किया गया कि सचिवालय में मीडिया के प्रवेश पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया, हालांकि इसमें अनुभागों में पत्रकारों पर रोक की बात दोहराई गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

पढ़िए क्या कहा प्रेस काउंसिल ने

uttarakhand secretariat
मामले में संज्ञान लेते हुए पीसीआई चेयरमैन चंद्रमौलि कुमार प्रसाद ने इस मामले में राज्य के मुख्य सचिव से रिपोर्ट देने के लिए कहा है। पीसीआई की ओर से जारी बयान के मुताबिक उत्तराखंड सरकार का फैसला प्रेस की आजादी का हनन करता है।

उत्तराखंड सरकार ने सचिवालय और सरकारी दफ्तरों में ‘बाहरी लोगों’ के प्रवेश को प्रतिबंधित करते हुए कहा था कि यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि कई बार कैबिनेट बैठकों का एजेंडा पहले ही मीडिया को लीक हो जाता था।

इस फैसले की जानकारी देते हुए मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा था कि पत्रकारों को सरकार के फैसलों की जानकारी हर शाम प्रेस वार्ता कर दी जाएगी। यह अलग बात है कि आदेश जारी होने के बाद से एक बार भी शाम को प्रेस वार्ता नहीं हुई। उधर मीडिया से जुड़े लोगों ने सरकार के इस कदम को पारदर्शिता खत्म करने कोशिश करार दिया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें