देहरादून में दो दिन के प्रवास के बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी दिल्ली लौट गए।
इससे पहले राष्ट्रपति ने सुबह करीब साढ़े दस बजे राजभवन में रुद्राक्ष के दो पौधे रोपे। उन्होंने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को कुछ किताबें भी भेंट कीं। करीब 11 बजे वे दिल्ली के लिए प्रस्थान कर गए। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी सोमवार को उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र संबोधित करने के लिए देहरादून आए थे।
मंगलवार सुबह जाने से पहले राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पॉल ने राष्ट्रपति को उत्तराखंड से संबंधित कॉफी टेबल बुक, उत्तराखंड के दस्तकारों द्वारा निर्मित ऊनी शॉल व स्मृति चिन्ह के रूप में चारधाम सहित राज्य के सभी प्रमुख धर्मों के तीर्थस्थलों को प्रदर्शित करने वाला विशेष मानचित्र भेंट करने के साथ ही गंगाजल, रुद्राक्ष की माला और सेलाकुई स्थित सगंध पादप केंद्र द्वारा उत्पादित सगंध पौधों से तैयार तेल से भरी शीशियों का एक सेट, गंगा की निर्मलता की प्रतीक वाली पेंटिंग भेंट की।
राष्ट्रपति ने उत्तराखंड आगमन व राजभवन में प्रवास को अत्यंत सुखद बताते हुए राज्यपाल को ‘द ग्रेट इंडियन योगा मास्टर्स... (ट्रेसिंग 2500 ईयर्स ऑफ योगा) स्वलिखित पुस्तक- ‘थॉट्स एंड रिफलेक्शंस’ और ‘द ड्रामैटिक डिकेड्सय द इंदिरा गांधी ईयर्स’ की प्रतियां भेंट कीं। राष्ट्रपति ने यही पुस्तकें मुख्यमंत्री हरीश रावत और विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल को भी भेंट की।
मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने राष्ट्रपति को विधानसभा के सभी सदस्यों का हस्ताक्षरयुक्त व फ्रेम किया हुआ आभार पत्र भेंट किया। इस अवसर पर विधानसभा उपाध्यक्ष अनुसुइया प्रसाद मैखुरी भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति की सचिव ओमिता पाल को भी शॉल भेंट किया।