राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भावी आईएएस अधिकारियों और मौजूदा ब्यूरोक्रेट्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार हो रहे बदलावों पर नजर रखने की नसीहत दी है। उनका कहना है कि वैश्विक मंदी, आतंकवाद, बेरोजगारी, पानी-खाद्यान्न की कमी जैसी समस्याओं पर अपडेट रहकर ही इनका निदान तलाशा जा सकता है।
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में भावी और मौजूदा आईएएस अफसरों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने देश के विकास के लिए ब्यूरोक्रेसी और राजनेताओं में बेहतर समन्वय की जरूरत भी जताई।
शुक्रवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आईएएस एकेडमी में प्रखर राजनेता और चिंतक अर्थशास्त्री के तौर पर नजर आए। अकादमी के 89वें बैच के प्रशिक्षु आईएएस के फाउंडेशन कोर्स में संबोधन के दौरान उन्होंने भावी अफसरों से अपने राजनीतिक जीवन के अनुभव साझा किए।
अकादमी के संपूर्णानंद हाल में दोपहर ठीक 12:18 बजे राष्ट्रपति ने अपने संबोधन की शुरुआत 1970 में पहली बार केंद्रीय राज्य मंत्री बनने की यादें ताजा कर की।
बताया कि उस दौर में आईएएस अधिकारी काफी कम होते थे, लेकिन अब आईएएस अधिकारियों की कोई कमी नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय बदलावों पर नजर रखें IASअफसर
महामहिम ने कहा कि तब और अब की ब्यूरोक्रेसी में खास बदलाव भी आया है। ब्यूरोक्रेट्स और राजनेताओं की सोच, दृष्टिकोण काफी बदल चुका है। अब विकास से जुड़ी कोई नीति तय करने में राजनेताओं के साथ ब्यूरोक्रेट्स की भी अहम भूमिका होती है। ऐसे में राजनेताओं और ब्यूरोक्रेट्स के बीच बेहतर समन्वय होना जरूरी है।
राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे आर्थिक बदलावों, विदेशी निवेश जैसे बिंदुओं पर चर्चा करते हुए भावी आईएएस से इनकी वजह से होने वाले बदलावों के प्रति खुद को तैयार रखने के लिए कहा। दोपहर 12:55 बजे भावी अफसरों को अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाने की नसीहत के साथ राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपना संबोधन समाप्त किया।
इससे पूर्व राष्ट्रपति ने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु आईएएस को सम्मानित किया। कोर्स कोआर्डिनेटर सौरभ जैन ने स्वागत भाषण दिया, जबकि अकादमी निदेशक राजीव कपूर ने अकादमी की जानकारी दी।
राज्यपाल अजीज कुरैशी, मुख्यमंत्री हरीश रावत, मसूरी विधायक गणेश जोशी, पालिकाध्यक्ष मनमोहन मल्ल, वैयक्तिक विभाग के केंद्रीय सचिव संजय कोठारी आदि मौजूद रहे।
राज्यपाल, सीएम संग पहुंचे राष्ट्रपति
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी शुक्रवार सुबह 11:20 पर हेलीकाप्टर से मसूरी के पोलो ग्राउंड हेलीपैड पर पहुंचे। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर अगवानी करने पहुंचे उनके साथ राज्यपाल अजीज कुरैशी और मुख्यमंत्री हरीश रावत उनके साथ थे। पोलो ग्राउंड में नगर पालिका अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।
राष्ट्रपति का काफिला यहां से अकादमी परिसर पहुंचा। यहां अकादमी के निदेशक राजीव कपूर, कोर्स कोआर्डिनेटर सौरभ जैन और संयुक्त निदेशक दुष्यंत नरेला ने उनकी अगवानी की।
घरों में कैद रहे लोग
राष्ट्रपति के दौरे के दौरान मसूरी में चप्पे-चप्पे पर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। राष्ट्रपति के पोलो ग्राउंड पहुंचते ही हैप्पी वैली, अकादमी रोड, जीरो प्वाइंट पर आवाजाही बंद कर दी गई थी। सभी दुकानें भी बंद करा दी गईं।
केंद्रीय विद्यालय और सेंट्रल स्कूल फॉर तिब्बतन तो पहले ही बंद थे। इस दौरान करीब ढाई घंटे तक लोग घरों में कैद होकर रह गए। दोपहर करीब डेढ़ बजे राष्ट्रपति के मसूरी से रवाना होने के बाद दुकानें, रास्ते खोल दिए गए। इसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।