अमेरिका की सर्वोच्च डेनाली चोटी पर बिना किसी गाइड के आरोहण करने वाली और माउंटेन-रॉक क्लाइंबिंग में देश-विदेश में नाम कमा चुकीं प्रेरणा डांगी का अल्मोड़ा पहुंचने पर मंगलवार को स्वागत किया गया।
इस दौरान उत्तराखंड साइकिलिस्ट, हाई एडवेंचर समेत रॉक और माउंटेन क्लाइंबिंग से जुड़े सदस्यों ने प्रेरणा और उनके परिवार का स्वागत किया और प्रतीक चिन्ह भी भेंट किया।
यहां आयोजित एक कार्यक्रम में मजखाली निवासी वर्तमान में दिल्ली में रहने वाली प्रेरणा के हौसले की सभी ने जमकर तारीफ की। उत्तराखंड साइकिलिस्ट के जय मित्र बिष्ट ने कहा कि प्रेरणा का संघर्ष और उनकी कहानी पहाड़ की महिलाओं और युवतियों के लिए प्रेरणादायी है।
राष्ट्रीय आरोहण बोल्डरिंग प्रतियोगिता में भी जीता स्वर्ण पदक
- फोटो : डेमो पिक
हाई एडवेंचर के भरत साह ने कहा कि इस फील्ड में काफी कम महिलाएं आती हैं लेकिन प्रेरणा ने अनूठा कार्य कर सबको हिम्मत दी है। इस दौरान वक्ताओं ने प्रेरणा की उपलब्धि गिनाई और युवाओं से इस क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया। मालूम हो कि प्रेरणा ने हाल ही में इंदौर में हुई राष्ट्रीय आरोहण बोल्डरिंग प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक जीता।
इस मौके पर प्रेरणा ने कहा कि हिमालय हमेशा से उनकी प्रेरणा का स्रोत रहा है। वह प्रकृति के साथ ही पली-बढ़ीं और यहीं से उन्हें आगे बढ़ने की हिम्मत मिली। उन्होंने कहा कि हिमालय के प्रति प्यार उन्हें इस फील्ड में ले गया। इस अवसर पर प्रेरणा के पिता चंदन डांगी, पुष्पा डांगी, नानी आनंदी देवी को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार डॉ. शमशेर सिंह बिष्ट, राजीव लोचन साह, जंग बहादुर थापा, दयाशंकर टम्टा, जेएस मेहता, दया कृष्ण कांडपाल के अलावा उत्तराखंड साइकिलिस्ट के नंदन रावत, हुकुम रावत, गोकुल साही, माउंटेन राइडर्स के अजेय मित्र, कुणाल तिवारी, रॉक लेजर्ड के विनोद भट्ट समेत पर्यावरण प्रेमी भी मौजूद थे।