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Uttarakhand: राज्य में लेखपाल-पटवारी क्षेत्रों के पुनर्गठन की तैयारी, प्रदेश बनने के बाद पहली बार कवायद

Sun, 16 Nov 2025 05:36 PM IST
देहरादून ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

राज्य में लेखपाल-पटवारी क्षेत्रों के पुनर्गठन की तैयारी है। प्रदेश बनने के बाद पहली बार कवायद शुरू हुई है।
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बैठक (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्य में लेखपाल-पटवारी क्षेत्रों के पुनर्गठन को लेकर कवायद शुरू हुई। राजस्व परिषद ने कुमाऊं और गढ़वाल कमिश्नर को प्रस्ताव भेजने को कहा है। प्रस्ताव में जनसंख्या समेत कई बिंदुओं को शामिल किया गया है।
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राज्य में 128 तहसील-उप तहसील हैं। इसमें पाटी, रामगढ़, देवलथल, कनालीछीना समेत कई नई तहसील बनी या फिर उप तहसील से तहसील में अपग्रेड हुई। प्रशासनिक स्तर पर तो इकाइयों का विस्तार किया गया, लेकिन अधिकांश लेखपाल और पटवारी क्षेत्रों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

लेखपाल-पटवारी के करीब 1644 क्षेत्र पूर्व की तरह चले आ रहे हैं, जबकि राज्य बनने के बाद जनसंख्या की बढ़ोतरी हुई। साथ ही खासकर पहाड़ों में दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण कामकाज करने समेत कई व्यावहारिक दिक्कतें आती हैं। इन सभी पहलू को देखते हुए राजस्व परिषद ने पुनर्गठन को लेकर कोशिश शुरू की है।
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प्रस्ताव में कई बिंदु शामिल
राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार पुनर्गठन में आवश्यकतानुसार क्षेत्र को कम और ज्यादा किया जा सकता है। जो प्रस्ताव मांगा गया है, उसमें क्षेत्र में जनसंख्या, क्षेत्रफल आदि की जानकारी मांगी गई है। राजस्व वाद की संख्या, योजनाओं की संख्या समेत कई अलग-अलग बिंदुओं पर प्रस्ताव मांगा गया है।

लेखपाल संघ भी कर चुका मांग
पुनर्गठन का प्रस्ताव क्या रहता है, यह समय बताएगा। अगर पटवारी, लेखपाल क्षेत्र का विस्तार होता है तो लोगों को भी सुविधा होगी। छोटी इकाई होने की स्थिति में अधिक राजस्व कर्मी तैनात होने का भी रास्ता साफ हो सकेगा साथ ही लोगों को काम तेजी से हो सकेंगे। लेखपाल संघ महामंत्री तारा चंद्र घिल्डियाल कहते हैं कि राज्य बनने के बाद से पुनर्गठन नहीं हुआ है, जबकि नई तहसीलें कई नई बनी है। संघ ने क्षेत्रफल नहीं बल्कि जनसंख्या के आधार पर पुनर्गठन की मांग कर चुका है। इससे लोगों को भी सुविधा होगी। पटवारी, लेखपाल के पास भूमि पैमाइश, क्राप सर्वे, अंश निर्धारण खतौनी तैयार करना,प्रमाणपत्र, म्यूटेशन, सर्वे समेत कई काम होते हैं। पुनर्गठन का काम होना चाहिए।

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पटवारी, लेखपाल क्षेत्रों के पुनर्गठन को लेकर कोशिश शुरू की गई है। इस संबंध में दोनों मंडलों के मंडलायुक्त से प्रस्ताव मांगा गया है। - रंजना राजगुरु, सचिव राजस्व परिषद

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