स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों से रेफर की गई क्षेत्र की एक छात्रा और एक प्रसूता की मौत हो गई। एक ही दिन में दो मौतों से भड़के स्थानीय लोगों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने सीएमएस का घेराव कर जमकर हंगामा किया।
ऋषिकेश के एक इंस्टीट्यूट से बीसीए कर रही वैशाली (18) पुत्री अशोक बजाज निवासी कलश क्वाटर नरेंद्रनगर की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे मंगलवार सुबह 11 बजे श्रीदेव सुमन संयुक्त चिकित्सालय ले गए। परिजनों ने बताया कि डाक्टर ने छात्रा की जांच कर उसे भर्ती कर लिया।
आरोप है कि दोपहर करीब एक बजे तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर प्रशिक्षु फार्मासिस्ट ने वैशाली को इंजेक्शन लगाया और फिर थोड़ी देर बात स्टाफ नर्सों ने उसे रेफर करने को कह दिया। परिजन उसे ऋषिकेश निर्मल आश्रम ले गए, पर वहां से हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट ले जाने को कहा, लेकिन जौलीग्रांट पहुंचने से पहले ही छात्रा ने दम तोड़ दिया।
वहीं, श्रीदेव सुमन संयुक्त चिकित्सालय परिसर में रह रहे दीपक शर्मा की पत्नी रेनू शर्मा (23) को मंगलवार दोपहर प्रसव पीड़ा हुई। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन महिला चिकित्सक के अवकाश पर होने के कारण रेनू को ऋषिकेश निर्मल आश्रम रेफर कर दिया। दीपक ने बताया कि वह रेनू को लेकर दोपहर साढ़े तीन बजे निर्मल अस्पताल पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने ऑपरेशन किया, लेकिन बच्चा होने के कुछ देर बाद ही रेनू की मौत हो गई। हालांकि बच्चा स्वस्थ है।