गबन की आरोपी कार्यालय की प्रधान सहायक चित्रा पांडेय की भी जल्द गिरफ्तारी होगी। कोतवाल टीआर वर्मा ने बताया कि आरोपी चित्रा का दुर्घटना के बाद हल्द्वानी में इलाज चल रहा है। इस कारण उन्हें अभी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी। आरोपों के बाद चित्रा पांडेय विभाग से निलंबित चल रही हैं। पुलिस ने इस मामले में मिलकर साजिश रचने के आरोप की धारा 120बी भी जोड़ी है।
गबन का चौथा आरोपी भी पुलिस की रडार पर
गबन के खेल में चौथा खिलाड़ी सामने आया है। यह युवक हल्द्वानी का बताया जा रहा है। पुलिस अब इस चौथे खिलाड़ी की तलाश कर रही है। गबन के खेल में पूर्व युवा कल्याण अधिकारी जीवन लाल आर्य और पीआरडी जवान अनुज आर्य को पुलिस रिमांड में भेजा जा चुका है। जांच में चौथा आरोपी भी सामने आया है जो कि हल्द्वानी में बैठकर गबन की राशि को अपने खाते में ले रहा था। जांच अधिकारी ने बताया कि अरुण पंत नाम का युवक है जिसे युवा कल्याण विभाग में पीआरडी जवान दर्शाया गया है। उसके खाते में भी गबन की राशि जमा कराकर निकासी की गई है। आरोपी अरुण के बारे में पुलिस के पास महत्वपूर्ण सुराग हैं। हल्द्वानी पुलिस की मदद से जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।
ऐसे हुआ गबन का पूरा खेल
- वर्ष 2012-13 में वित्तीय वर्ष शुरू हुआ गबन का खेल
- सात अप्रशिक्षित पीआरडी जवानों की नियुक्ति दर्शायी गई।
- अपने परिचितों के खातों के नंबर दर्शाते हुए राशि हस्तांतरित की गई।
- फर्जी मस्टरौल तैयार किए गए।
- आहरित राशि फर्जी खातों में डाली गई।
- इस राशि को आहरित कर आपस में बांटा गया।
- अंत में लगभग तीन लाख का एक चेक आहरित कर खाते में डालकर राशि आहरित की गई।
जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पहले इस मामले में मात्र दो आरोपी ही थे, लेकिन जांच में दो और आरोपी सहित कुल चार आरोपी सामने आए हैं।
- त्रिवेणी प्रसाद जोशी, विवेचना अधिकारी, कोतवाली