‘द हिडन हिंदू’ पर आयोजित चर्चा में दर्शकों ने जमकर तालियां बजाई
अक्षत की किताब ‘द हिडन हिंदू’ पर आयोजित चर्चा में दर्शकों ने जमकर तालियां बजाई। अक्षत ने कहा कि मेरे लिए इस पुस्तक को लिखना एक जीवन भर का अनुभव था। उन्होंने कहा कि इससे कुछ भी मेल नहीं खाएगा क्यों मैंने तब लिखना शुरू किया था जब मुझे मेरे जीवन में सब खत्म होता नजर आ रहा था। इस पुस्तक और इस कहानी के विचार ने मुझे मेरे जीवन के सबसे बुरे दौर से बाहर निकाला है। इसके बाद आरती सुनावाला, अंजना बसु और नयनिका महतानी के बीच ‘स्टोरीज आर द ब्रिज टू आर्ट एंड कल्चर’ पर एक सत्र आयोजित किया गया। सत्र का संचालन चेतन वोहरा ने किया गया।
करियर ऑफ द फ्यूचर सत्र भी भाया
शेक्सपियर जिंदा होते तो मसाला सिनेमा के लिए लिख रहे होते
मसाला शेक्सपियर शीर्षक से सत्र में जोनाथन गिल हैरिस ने सिद्धार्थ जैन के साथ बातचीत की। उन्होंने कहा कि अगर शेक्सपियर आज जिंदा होते तो मसाला सिनेमा के लिए लिख रहे होते न कि बॉलीवुड या हॉलीवुड के लिए। ऑन द ट्रेल ऑफ बुद्धा एंड लैंड ऑफ गॉड्स सत्र में दीपांकर एरोन और अर्जुन कादियान पैनेलिस्ट के रूप में उपस्थित रहे। सत्र का संचालन अनीषा गुप्ता ने किया।