फर्जी राशन कार्ड बनवाने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। हद तो तब हो गई जब एक गांव का प्रधान ही फर्जी राशन कार्डों को कंप्यूटर लिस्ट में चढ़वाने जिला आपूर्ति कार्यालय पहुंच गया। आपूर्ति अधिकारी ने जांच के दौरान इन कार्डों को पकड़ लिया। अधिकारी ने प्रधान को आडे हाथों लिया, शर्म के मारे प्रधान वहां से चुपचाप खिसक गया।
बता दें कि विभाग ने हाल ही में ग्यारह हजार फर्जी राशन कार्ड पकड़े थे। बृहस्पतिवार को सहसपुर क्षेत्र के एक गांव का प्रधान करीब एक दर्जन राष्ट्रीय खाद्य योजना के राशन कार्ड को कंप्यूटर लिस्ट में चढ़वाने को जिलापूर्ति कार्यालय पहुंचा। प्रधान ने ये कार्ड जिला आपूर्ति अधिकारी पीएस पांगती को देकर लिस्ट में चढ़वाने की मांग की।
अधिकारी ने जब इन कार्डों की जांच की तो बीच में तीन ऐसे भी कार्ड थे, जिन पर उपभोक्ता का फोटो और कोटेदार का नाम नहीं था। कार्डों पर सिर्फ उपभोक्ताओं का नाम अंकित था। जिस पर अधिकारी ने कार्डों को जब्त कर लिया। जनप्रतिनिधि होकर भी ऐसे काम करने पर प्रधान को खूब फटकारा, शर्म के मारे प्रधान चुपचाप कार्यालय से चला गया।
जिलापूर्ति अधिकारी पीएस पांगती का कहना है कि जनप्रतिनिधि ऐसे गलत काम करेंगे तो आम लोगों से क्या अपेक्षा की जा सकती है। उन्होंने कर्मचारियों को सत्यापन के बाद ही कार्ड जारी करने के सख्त निर्देश दिए है।
एक हजार दो और कार्ड ले जाओ-
इन दिनों राशन कार्ड नवीनीकरण का कार्य चल रहा है, कार्ड बनवाने को लेकर दलाल भी सक्रिय है। जानकार बताते है कि इन दलालों की जमात में कुछ भ्रष्ट जनप्रतिनिधि भी शामिल है। वो भोली भाली जनता से एक राशन कार्ड बनवाने की एवज में पांच सौ से एक हजार रुपये तक नजराना वसूल रहे है।
सूत्र बताते है कि यह रकम कार्यालय के कुछ बाबुओं को भी जाती है। वहीं जिला आपूर्ति अधिकारी का कहना है कि कार्ड बनवाने को कोई दलाल या कार्यालय का बाबू उपभोक्ता से रुपयों की मांग करे, तो वह सीधे उनसे शिकायत करें।