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पीडीएफ को आपत्ति है तो कर सकते हैं पुनर्विचार: टम्टा

Sat, 28 May 2016 11:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी

सार

  • पूर्व सांसद बोले, संगठन में एकता और सरकार का स्थायित्व जरूरी
  • राज्यसभा प्रत्याशी घोषित होने पर पीडीएफ की नाराजगी पर बोले 
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प्रदीप टम्टा - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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कांग्रेस की तरफ से उत्तराखंड से राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने पर पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि वह पार्टी के कर्मठ सिपाही हैं। पार्टी आलाकमान का आदेश सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने की सूचना उन्हें मीडिया से मिली है। मीडिया से ही पीडीएफ विधायकों में असंतोष की जानकारी आ रही है।
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प्रदीप टम्टा ने कहा कि संगठन में एकता और प्रदेश में सरकार का स्थायित्व जरूरी है। पीडीएफ या किसी भी व्यक्ति को आपत्ति है तो राज्यसभा प्रत्याशी के चयन को लेकर पुनर्विचार किया जा सकता है।

प्रदीप टम्टा अल्मोड़ा पिथौरागढ़ लोकसभा सीट से सांसद रह चुके हैं। प्रदीप टम्टा मुख्यमंत्री हरीश रावत और विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के करीबी माने जाते हैं। कांग्रेस की ओर से राज्यसभा प्रत्याशी घोषित होने पर पूर्व सांसद ने कांग्रेस की अध्यक्षा सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मुख्यमंत्री हरीश रावत का आभार व्यक्त किया।
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बोले, किसी को आपत्ति है तो हो सकता है पुनर्विचार

सरकार की सहयोगी पीडीएफ से मंत्री दिनेश धनै ने भी दावेदारी की है। - फोटो : file photo
उन्होंने कहा कि पार्टी की बदौलत ही उनका अस्तित्व है। पार्टी ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। पूर्व सांसद ने कहा कि बतौर राज्यसभा सदस्य वह हिमालयी राज्यों का मुद्दा प्रमुखता से उठाएंगे, ताकि हिमालयी राज्यों का समग्र विकास हो सके।

उन्होंने कहा कि हिमालयी राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियां विषम हैं, सरकार को इनके प्रति विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पूर्व सांसद ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में कई ज्वलंत मुद्दे हैं। बगैर केंद्र सरकार की सहभागिता के समस्याओं का हल संभव नहीं है।

पीडीएफ में असंतोष और आपात बैठक बुलाए जाने की सूचनाओं पर पूर्व सांसद टम्टा ने कहा कि किसी को भी आपत्ति है तो विकल्प अभी खुले है। राज्यसभा प्रत्याशी पर पुनर्विचार हो सकता है। उन्होंने कहा कि उनके लिए संगठन में एकता और सरकार में स्थायित्व जरूरी है।
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