रेडिएशन के संपर्क में आने से गर्भवतियों की चुनौतियां बढ़ीं
जिला चिकित्सालय की वरिष्ठ महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. तुलसी बिष्ट के मुताबिक गर्भवती महिलाएं अगर किसी भी तरह के रेडिएशन के संपर्क में आती हैं, तो उनमें स्वास्थ्य संबंधी कई तरह की परेशानियां पैदा होने लगती हैं। सामान्य महिलाएं के शारीरिक प्रतिक्रियाओं की तुलना में गर्भवतियों में कई बदलाव देखने को मिलते हैं। इस अवस्था में रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कम हो जाती है। साथ ही मेटाबोलिज्म में भी काफी बदलाव देखने को मिलते हैं। इसके अलावा हेमोडायलेशन के कारण रक्त में प्लाज्मा का आयतन बढ़ जाता है। इससे कार्डिक लोड में भी बढ़ोतरी देखने को मिलती है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। इस अवस्था में अतिरिक्त सावधानियां बरतने की आवश्यकता इसलिए भी होती है, क्योंकि आपके साथ ही भ्रूण के शरीर को भी पोषण की आवश्यकता होती है।
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बचाव के उपाय
1- गर्भावस्था योग को जीवन का हिस्सा बनाएं।
2- पोषण युक्त खाने का सेवन करें।
3- शरीर में रक्त और फॉलिक एसिड की पर्याप्त मात्रा रखें।