अगर आप चमोली जिले में प्राकृतिक विश्व धरोहर फूलों की घाटी में आने का मन बना रहे हैं तो सावधान हो जाएं। अगर यहां आकर आपने ऐसा किया तो आपको दस हजार रुपये तक जुर्माना भरना पड़ सकता है।
दरअसल सरकार ने फूलों की घाटी में पॉलीथिन प्रतिबंधित कर दी है। अगर कोई प्लास्टिक कचरा और गंदगी फैलाएगा तो उसे 10 हजार रुपये जुर्माना देना पड़ेगा। इस संबंध प्रमुख वन्य जीव प्रतिपालक दिग्विजय सिंह खाती ने बुधवार को आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही फूलों की घाटी में घूमकर लौटने वालों को अपना सामान चेक कराना पड़ेगा कि कहीं कोई सामान घाटी में छूट तो नहीं गया।
उत्तराखंड के चमोली जिले में फूलों की घाटी यूनेस्को प्राकृतिक विश्व धरोहर घोषित है। यहां देश-विदेश के सैलानी विभिन्न प्रजातियों के फूलों को देखने के लिए आते हैं। सैलानी अपने साथ प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन के पैकेज आदि लाते हैं। जाते वक्त घाटी में कचरा, बचा खाना आदि छोड़कर चले जाते हैं। इससे यहां के पर्यावरण को नुकसान होता है। हाईकोर्ट के सख्त आदेश के मद्देनजर फूलों की घाटी में पॉलीथिन को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
प्रमुख वन्य जीव प्रतिपालक खाती ने बताया कि फूलों की घाटी में पॉलीथिन और दूसरा कचरा फैलाने वालों पर जुर्माना लगाने संबंधी आदेश जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही जो पानी की बोतल आदि सामान अंदर लेकर जाएगा, उसे बाहर आने के बाद इसे चेक कराना पड़ेगा कि अंदर कोई सामान नहीं छोड़ा। घाटी के अंदर जाते वक्त पांच सौ रुपये जमा कराए जाएंगे। जब व्यक्ति बाहर आकर सारा सामान चेक करा देगा तो पैसे वापस कर दिए जाएंगे। यह व्यवस्था इसलिए की गई है कि लोग लापरवाही न बरतें।