कैबिनेट में ये है जिलों के प्रतिनिधित्व स्थिति
धामी मंत्रिमंडल में अभी टिहरी, देहरादून, ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा, पौड़ी व चंपावत जिले का प्रतिनिधित्व है। हरिद्वार, नैनीताल, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों का कैबिनेट में प्रतिनिधित्व नहीं हैं। सांगठनिक जिम्मेदारी के हिसाब से चमोली जिले से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट बड़े चेहरे के तौर पर हैं। नए मंत्रिमंडल विस्तार में हरिद्वार, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिले को प्रतिनिधित्व दिए जाने की संभावनाएं हैं। मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले विधायकों की वरिष्ठता, अनुभव के साथ जातीय समीकरणों का भी खास ख्याल रखा जाना है।
निकाय व लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर तय होंगे मंत्री पद
सीएम धामी इस साल होने वाले निकायों के चुनाव और 2024 लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर ही चेहरों को चुनेंगे। पूर्व कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग से थे। उनकी जगह पार्टी एससी चेहरे या एससी महिला चेहरे से भर सकती है। इसी तरह हरिद्वार जिले से ब्राह्मण या ओबीसी चेहरे को जगह देने पर विचार हो सकता है। नैनीताल और पिथौरागढ़ जिले में दो पूर्व कैबिनेट मंत्री के रूप में अनुभवी चेहरे हैं। बहरहाल, कैबिनेट विस्तार के साथ ही मुख्यमंत्री दायित्व का भी आवंटन कर सकते हैं। दायित्वों की सूची भी केंद्रीय नेतृत्व की ओर से फाइनल होनी है।
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कर्नाटक चुनाव के बाद कैबिनेट विस्तार के संबंध में केंद्रीय नेताओं के साथ मंत्रणा होगी। अभी मुख्यमंत्री की केंद्रीय नेताओं से चर्चा हुई है। कर्नाटक चुनाव के नतीजे 15 मई तक आ जाएंगे। इसके बाद कैबिनेट विस्तार पर चर्चा होगी। - महेंद्र भट्ट प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा