सुबह 11 बजे से सचिवालय में शुरू हुई बैठक में लगभग साढ़े चार घंटे तक हुई चर्चा के दौरान 24 एजेंडा प्वाइंट पर चर्चा हुई, जिसमें दो पर निर्णय नहीं हो सका। मंत्रिमंडल ने पेंशन वृद्धि पर मुहर लगाई, लेकिन नियमित कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत भत्ते दिए जाने के प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हुई। हालांकि बैठक का फोकस इन्वेस्टर समिट पर रहा। मंत्रिमंडल ने नई ग्रोथ सेंटर योजना शुरू की है, जिसे उद्योग विभाग से जोड़ा गया है। एमएसएमई इसका नोडल विभाग रहेगा, जबकि संबंधित विभाग एक सेंटर के अधीन संचालित होंगे।
इन्वेस्टर समिट पर है फोकस
कैबिनेट ने 7 और 8 अक्तूबर को होने वाली इन्वेस्टर समिट के लिए सौर ऊर्जा प्लांट में निवेश करने वालों के लिए नीति को मंजूरी दी है। पलायन रोकने की दृष्टि से नीति में स्थानीय भागीदारी स्पष्ट की गई है। एमएसएमई के तहत मिलने वाली सुविधाओं के इतर भी कुछ रियायतें दी गई हैं। आयुष के क्षेत्र में निवेशकों के लिए लाई नीति में पूंजीगत निवेश पर 10 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान रखा गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतम डेढ़ करोड़ रुपये और मैदानी क्षेत्रों में एक करोड़ रुपये तक का अनुदान मिल सकता है। पुरानी सूचना एवं प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रानिक, आईसीटीसी नीति की जगह सरकार सूचना प्रौद्योगिकी नीति 2018 लाई है। इसमें ग्रामीण बीपीओ निवेश पर 50 हजार तक का अनुदान दो किस्तों में मिलेगा। इसके अलावा सरकार ने मोबाइल टावर और कनेक्टिविटी लाइन बिछाने के लिए नीति तय कर दी है।
नगर निकायों को बड़ी राहत
कैबिनेट ने शहरी क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन के लिए नई नीति को मंजूरी दी है। कोर्ट के आदेश पर सरकार ठोस कचरा निस्तारण के लिए नीति लेकर आई है। इसके साथ नगर निगमों में जुड़ने वाले क्षेत्रों के लिए बढ़ा निर्णय लिया है। निकायों को अधिकार होगा कि किस क्षेत्र को जोड़े या हटा दें। यह व्यवस्था इससे पहले पालिका क्षेत्रों में ही थी।
अन्य प्रमुख प्रस्ताव
- एक परिसर में या फिर सौ मीटर के दायरे में अलग अलग चल रहे 33 हाई और इंटर विद्यालय होंगे मर्ज, पर 222 तैनात शिक्षक पद नहीं होंगे खत्म।
- हरिद्वार से नगीना के बीच बनने वाले एनएच 74 फोर लेन मार्ग के लिए अधिग्रहित होने वाले 65 हेक्टेयर वन भूमि क्षेत्र एनएचएआई को मुफ्त दिया जाएगा। भूमि की कीमत 847.98 करोड़ रुपये है।
- सचिवालय सेवा और निजी सचिव संवर्ग में तीन अधिकारियों को दस हजार वेतनमान प्रकरण पर हाईकोर्ट के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में देंगे चुनौती। दस हजार वेतनमान नहीं दिए जाने के लिए शासनादेश बदला जाएगा।
- उत्तराखंड पावर कार्पोरेशन के विजिलेंस सेल में आठ पद सृजित। एक डीआईजी या एसएसपी रैंक, एक डीएसपी, दो इंस्पेक्टर और चार सब इंस्पेक्टर सेल में तैनात होंगे।
- दो पांच सितारा होटलों के लिए लाइसेंस फीस 15 लाख से घटाकर 10 लाख रुपये हुई।
- अन्य पिछड़ा वर्ग (क्रीमी लेयर) के लिए वार्षिक आय का मानक केंद्र के अनुरूप। अब 6 लाख रुपये वार्षिक आय सीमा बढ़ाकर 8 लाख रुपये की।
- सचिवालय के पंचम तल पर मौजूद सभागार का नाम वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के नाम पर किया।