एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले में एसआईटी अब निलंबित आईएएस अधिकारी पंकज पांडेय और चंद्रेश यादव के खिलाफ अभियोजन आदेश लेने की तैयारी में जुट गई है। इनमें एक के खिलाफ एसआईटी को अभियोजन स्वीकृति मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार सरकारी भूमि को निजी स्वामित्व की भूमि दर्शाने और अवैध कब्जेदारों के खिलाफ विधिक कार्रवाई न करने पर एक आईएएस अफसर के खिलाफ एसआईटी को अभियोजन आदेश मिल सकता है।
एसआईटी की जांच के साथ ही शासन स्तर पर की गई जांच पड़ताल में भी सरकारी भूमि के मामले में अनियमितता बरतने को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत आपराधिक कृत्य की श्रेणी में रखा गया है। इसके आधार पर माना जा रहा है कि एक आईएएस अफसर के खिलाफ एसआईटी को अभियोजन स्वीकृति मिल सकती है। स्वीकृति मिलती है तो आईएएस की गिरफ्तारी हो सकती है।
पिक एंड चूज के आधार पर नप सकते हैं एनएचएआई अधिकारी
अब एसआईटी ने एनएचएआई अधिकारियों पर भी अपना फोकस कर लिया है। एनएचएआई के तीन पीडी और एक एपीडी के खिलाफ साक्ष्य मिलने पर एसआईटी ने एनएचएआई मुख्यालय को उनके खिलाफ अभियोजन आदेश लेने के लिए रिपोर्ट भेजी है। जांच में एसआईटी को एनएचएआई के कुछ ऐसे मामले मिले थे, जिनमें एनएचएआई ने कमीशन लेकर बड़े प्रतिकर का भुगतान किया और छोटे प्रतिकर के मामलों को रोक दिया। इन्हीं मामलों को लेकर एनएचएआई आर्बिट्रेशन में भी गई। माना जा रहा है कि पिक एंड चूज के इन्हीं मामलों को लेकर एनएचएआई के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति एसआईटी को मिल सकती है। फिलहाल, एसआईटी एनएचएआई को रिमाइंडर भेजने की तैयारी कर रही है।
भूमि मुआवजा घोटाले में आईएएस अधिकारी पंकज पांडे और चंद्रेश यादव के खिलाफ अनियमितता के साक्ष्य मिलने पर एसआईटी द्वारा शासन को जांच रिपोर्ट भेजी गई थी। जांच रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद बीते मंगलवार को शासन ने अपना फैसला सुनाते हुए दोनों आईएएस को निलंबित कर दिया। निलंबन के बाद अब एसआईटी उनके खिलाफ अभियोजन आदेश लेने की तैयारी में जुट गई है। एसआईटी की जांच में आईएएस पंकज पांडेय के खिलाफ सरकारी भूमि को निजी स्वामित्व की भूमि दर्शाने और भूमि पर जमे अवैध कब्जेदारों के खिलाफ विधिक कार्रवाई ना करने का आरोप लगा था और चंद्रेश यादव के खिलाफ नियम विरुद्ध कृषि भूमि पर अकृषि का मुआवजा निर्धारण कर करोड़ों का भुगतान करने के आदेश पारित करने का आरोप लगा था।