नेहरू कॉलोनी लूट मामले में पुलिस की सात टीमें बदमाशों की तलाश में जुटी हैं। बदमाशों के ऋषिकेश और इसके आसपास में शरण लेने की आशंका की जा रही है। ऐसे में पुलिस टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिश देनी शुरू कर दी है। इसके अलावा सीमावर्ती जिलों में भी कुछ टीमों को भेजा गया है। देर रात तक बदमाशों का कोई सुराग नहीं लग सका था।
नेहरू कॉलोनी सी ब्लॉक में एमडीडीए के पूर्व अधिकारी वीके अग्रवाल के घर दिनदहाड़े चार सशस्त्र बदमाश घुस गए थे। यहां पर उन्होंने घर में मौजूद महिलाओं को हथियारों के बल पर बंधक बनाया और उनसे जेवर व नकदी लूट ली थी। जाते-जाते बदमाश उन्हें जान से मारने की धमकी भी दे गए थे। पुलिस ने वीके अग्रवाल के बेटे संदीप अग्रवाल की तहरीर पर लूट का मुकदमा दर्ज कर लिया था। शुरूआत जांच में बदमाश हरिद्वार हाईवे के एक सीसीटीवी कैमरे में स्कूटर और बाइक पर जाते वक्त कैद हुए थे। इसके आधार पर ही पुलिस ने जांच शुरू की थी।
घटना के खुलासे के लिए एसओजी और पुलिस की सात टीमें बनाई गई हैं। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने ऋषिकेश के आसपास शरण ली है। तलाश में लगातार दबिश भी चल रही है। एसपी सिटी सरिता डोबाल ने बताया कि सीमावर्ती जनपदों में भी पुलिस टीमों को दबिश के लिए भेजा गया है। कुछ और सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, जिनमें बदमाशों की लोकेशन का पता चला है। इन सबका अवलोकन किया जा रहा है। कुछ संदिग्धों से भी पूछताछ की जा रही है। परिवार वालों ने जिन बातों का जिक्र किया है उसे भी जांच में शामिल किया जा रहा है।