एक व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस ने दो दिन की मशक्कत के बाद क्षेत्र की नाबालिग लड़की की शादी पर रोक लगा दी है। उसकी बृहस्पतिवार को शादी होनी थी, जिसकी परिजनों ने पूरी तैयारी कर ली थी।
गत 18 सितंबर को एक स्थानीय निवासी ने एनजीओ को दुगड्डा ब्लाक के एक गांव में नाबालिग लड़की की जबरन शादी करवाने की शिकायत की थी। जिस पर एनजीओ और पुलिस अधिकारियों ने उसके गांव जाकर लड़की और परिजनों के बयान लिए।
बालिग होने तक इंतजार करने को कहा
जांच में जबरन शादी की बात झूठ निकली, अलबत्ता लड़की की उम्र के तमाम अभिलेख जुटाए गए। सीओ अरुणा भारती ने बताया कि लड़की की उम्र साढे़ सोलह साल है।
परिजनों को उसके बालिग होने तक इंतजार करने को कहा गया। इसी मामले में छानबीन कर रही स्वयं सेवी संस्था महिला समाख्या के पदाधिकारियों को को गत दिवस लड़की की उम्र 18 वर्ष बताई गई थी, मगर पुख्ता सबूत के अभाव में कोई निर्णय नहीं लिया जा सका था।
शादी पर रोक लगा दी गई
कोतवाल अनिल जोशी ने बताया कि परिजनों और लड़की के बयान में जबरन शादी की बात नहीं आई। नाबालिग का प्रमाण मिलते ही शादी पर रोक लगा दी गई है। पुलिस का मानना है कि शिकायत रंजिशन की गई थी। मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना रहा।