नायब तहसीलदार से मारपीट के मामले में फरार चल रहे गदरपुर से भाजपा विधायक अरविंद पांडेय को गिरफ्तार करने के लिए दून पुलिस दिनभर दौड़ती रही। निमी रोड पर एक आवास की घेराबंदी में निराशा हाथ लगने के बाद चार स्थानों पर बैरियर लगाकर चेकिंग की गई, जो देर शाम तक जारी रही।
इसी बीच पांडेय की तलाश में भाजपा विधायक गणेश जोशी की कोठी पर पुलिस की नजरें गड़ी रहीं। भाजपा विधायक गणेश जोशी का कहना है कि प्रदेश सरकार बेवजह भाजपा विधायकों को परेशान कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि उनके आवास को पुलिस छावनी बनाने के पीछे सरकार की मंशा क्या है?
खुफिया तंत्र से पुलिस को शुक्रवार सुबह जानकारी मिली थी कि नायब तहसीलदार से मारपीट के मामले में फरार गदरपुर के भाजपा विधायक अरविंद पांडेय डालनवाला में निमी रोड पर एक आवास में ठहरे हैं। इसके बाद पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह, पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक प्रदीप राय और सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. ललित नारायण मिश्रा कई थानों की पुलिस को लेकर वहां जा धमके।
विधायक जोशी के आवास के बाहर बन गई छावनी
आवास की घेराबंदी हुई, लेकिन पता चला कि पांडेय पहले ही वहां से निकल गए। इसके बाद पुलिस के वाहन शहर भर में विधायक की तलाश में दौड़ते रहे। एसपी सिटी ने हाथीबड़कला पुलिस चौकी के पास बैरियर लगाकर चेकिंग शुरू कराई। कार के अलावा सिटी बसों में विधायक को तलाशा गया।
कैंट क्षेत्र में एसपी देहात जीसी ध्यानी मोर्चा संभाले रहे। विजय कॉलोनी के पास, बिंदाल पुल, आसारोड़ी, दून स्कूल तिराहा आदि पर शाम तक चेकिंग चलती रही। इसी बीच पुलिस को खबर मिली कि पांडेय भाजपा विधायक गणेश जोशी की कोठी में हैं।
इसके बाद जोशी की कोठी के आसपास पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। हालांकि कोठी के अंदर जाने से पुलिस को साफ मना कर दिया गया था। गणेश जोशी का भी कहना था कि पांडेय उनके यहां नहीं हैं। सरकार जानबूझकर उन्हें परेशान कर रही है।
गिरफ्तारी वारंट की बांटी फोटो स्टेट
शहर में चेकिंग प्वाइंट पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को विधायक पांडेय की कोर्ट से जारी हुए वारंट की फोटो स्टेट सौंपी गई थी, ताकि किसी कार में विधायक पांडेय मिलते हैं तो वारंट के आधार पर उन्हें साथ लिया जा सके। कई दौर में वारंट की फोटो स्टेट कर बांटी गई है।
बोले एसपी सिटी
विधायक पांडेय के मामले में रुद्रपुर पुलिस की अलग कार्रवाई चल रही है। अलबत्ता उन्हें भी गिरफ्तारी वारंट की फोटो स्टेट भेजी गई है। शहर भर में चेकिंग तो किसी दूसरी सूचना के तहत कराई गई। उसका इस प्रकरण से कोई जुड़ाव नहीं है।
-अजय सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर।