नशे के खिलाफ चल रहे पुलिस के अभियान के तहत दून की मलिन बस्ती में नशा करने वाले बच्चों की काउंसिलिंग की गई।
‘नई जिंदगी’ अभियान के तहत अधिकारियों ने बच्चों से बात कर उन्हें नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया। एसएसपी पुष्पक ज्योति ने आर्थिक रुप से कमजोर बच्चों को मुफ्त शिक्षा दिलाने की घोषणा भी की। इस दौरान बच्चों का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया।
नशा विरोधी मुहिम के तहत एसएसपी ने कैंट थाने के माध्यम से बिंदाल पुल की मलिन बस्ती में नशा करने वाले 33 बच्चों को चिह्नित कराया था। किशननगर चौक स्थित आत्माराम धर्मशाला में शनिवार सुबह बच्चों और उनके अभिभावकों को बातचीत कर कप्तान ने एसपी सिटी अजय सिंह और सीओ सिटी मनोज कत्याल के साथ प्रत्येक बच्चे से अलग-अलग बात की।
सवाल किया कि वह किस तरह नशे की चपेट में आए और कौन सा नशा करते है। बच्चों को कई उदाहरण देकर नशे से दूर रहने का पाठ पढ़ाया। वहीं अभिभावकों से अपने बच्चों को खास नजर रखने के लिए कहा गया। स्कूल न भेजने के सवाल पर अभिभावकों ने आर्थिक स्थिति का रोना रोया।
एसएसपी ने राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य हुकुम सिंह उनियाल से बात कर कहा कि ऐसे बच्चों को उनके स्कूल में मुफ्त शिक्षा दी जाएगी।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश तिवारी, प्रधानाचार्य हुकुम सिंह उनियाल, सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद शहीद खान के अलावा न्यू लाइफ सोसायटी, निजाद सोसायटी, प्रगति किरण विकास समिति, नवीन किरण, अपना परिवार के कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं संभव नाट्य मंच ने नुक्कड नाटक के जरिए नशे के दुष्प्रभावों का मंचन किया।
नशा छोड़ने वाले किशोर का सम्मान
एसएसपी ने नशा छोड़ने वाले किशोर जितेंद्र को सम्मानित भी किया। जितेंद्र ने खुलकर बताया कि कैसे वह नशे का शिकार हुआ और नशा छोड़ते हुए क्या दिक्कतें आई। उसने पढ़कर अफसर बनने की इच्छा जताई है। कप्तान ने उसके अभिभावकों को सहयोग का भरोसा दिया।