मलेथा में स्टोन क्रशर के विरोध में 13 दिनों से अनशन पर बैठी हेमंती देवी को शनिवार रात पुलिस ने जबरन उठा लिया। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से अन्य आंदोलनकारी भड़क उठे।
महिला आंदोलनकारियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाते हुए बदरीनाथ हाईवे जाम कर दिया। जाम की वजह से तीर्थयात्री और बारात की बसें फंस गईं। आंदोलनकारी अब लाठीचार्ज के आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। महिलाओं ने दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया है।
25 मई से अनशन पर थीं हेमंती
25 मई से अनशन कर रही हेमंती की सेहत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उन्हें फीडिंग की सलाह दी थी। शनिवार दोपहर कोतवाल एएस रावत पुलिस फोर्स और एंबुलेंस के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। पुलिस ने अनशनकारी को उठाने की बात कही, तो महिलाएं भड़क उठी।
महिलाओं का कहना था कि पुलिस बिना किसी प्रशासनिक अधिकारी के पहुंची है। महिलाओं ने पुलिस टीम की घेराबंदी करते हुए जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कुछ देर तक अनशनकारी और महिला पुलिस को दुकान के अंदर बंद कर दिया। बाद में पुलिस को लौटना पड़ा था।
आंदोलन जारी रखेंगे ग्रामीण
आंदोलन चला रहे हिमालय बचाओ आंदोलन के सदस्य समीर रतूड़ी ने बताया कि ग्रामीणों की एक सूत्री मांग है कि गांव में क्रशर न चले। जब तक मांग पूरी नहीं होती है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज किया है जिससे कई लोगों को चोट आई है।