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अनशन पर बैठे आंदोलनकारियों को पुलिस ने जबरन उठाया

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परेड मैदान में आमरण अनशन पर बैठे बेरोजगार संगठन के सदस्यों को उठाकर ले जाती पुलिस ।
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फारेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा निरस्त किए जाने जैसी छह सूत्री मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे दो आंदोलनकारियों को पुलिस ने शनिवार सुबह जबरन उठा लिया। पुलिस आंदोलनकारियों को दून अस्पताल ले गई जहां डॉक्टरों की टीम ने उनका इलाज किया। इलाज के बाद दोनों आंदोलनकारियों को छुट्टी दे दी गई। दूसरी ओर पुलिस की इस कार्रवाई के बाद दो नए आंदोलनकारी आमरण अनशन पर बैठ गए हैं।
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बता दें, प्रदेशभर के बेरोजगार बीते 15 दिनों से फारेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा निरस्त किए जाने समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनरत बेरोजगारों में से तीन आंदोलनकारी बाबी पंवार, पीसी पंत व सविता चार दिनों से आमरण अनशन कर रहे थे। अधिकारियों के आदेश पर पुलिस ने शनिवार को दो आंदोलनकारियों बॉबी पवार व पीसी पंत को जबरन उठाया और अस्पताल ले जाकर इलाज कराया। हालांकि इलाज कराने के थोड़ी देर बाद दोनों घर चले गए।
वहीं पुलिस की इस कार्रवाई के बाद दो नए आंदोलनकारी प्रवीण राणा व सौरव रावत आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। बेरोजगार संगठन के संरक्षक कमलेश भट्ट का कहना है कि बेरोजगारों का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी मांगें स्वीकार नहीं करती है। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार उनकी आवाज दबाने का काम कर रही है।
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टीम अन्ना केराष्ट्रीय सदस्य ने आंदोलनकारियों को पिलाया जूस
दूसरी ओर टीम अन्ना के राष्ट्रीय सदस्य भोपाल सिंह ने आमरण अनशन पर बैठे दो आंदोलनकारियों बॉबी पवार व पीसी पंत को जूस पिलाकर उनका आमरण अनशन समाप्त कराया। तीसरी आंदोलनकारी सरिता ने एक दिन पूर्व भी अपना आंदोलन समाप्त कर दिया था। भोपाल रावत का कहना है कि आंदोलनकारियों को आमरण अनशन करने के बजाय आंदोलन के अन्य तरीकों के जरिए अपनी बात सरकार तक पहुंचानी चाहिए।
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