मुख्यमंत्री के सचिव का कथित रूप से स्टिंग करने वाले पत्रकार अशोक पांडे के निर्माणाधीन भवन पर मंगलवार को एमडीडीए ने कार्रवाई कर दी। तीन मंजिला भवन की सभी मंजिलों पर बिना नक्शा पास किए बने छज्जों को तोड़ दिया गया है। पांडे ने इसे पूरी तरह से सीएम के इशारे पर की गई बदले की कार्रवाई बताया है।
मंगलवार सुबह लगभग साढ़े नौ बजे एमडीडीए और प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ अशोक पांडे के टैगोर विला (चकराता रोड) स्थित तीन मंजिला निर्माणाधीन भवन पहुंची।
टीम ने साथ लाए मजदूरों को स्टोन कटर से भवन से लगभग छह फुट आगे बने छज्जों को तोड़ने को कहा। तभी पत्रकार अशोक पांडे और भाजपा नेता शाहदाब दूसरी मंजिल पर पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे।
बोले, सीएम के इशारे पर हो रही कार्रवाई
इसे देखते हुए तीनों मंजिलों पर पुलिस तैनात कर दी गई और दोनों को वहां से हटाकर छज्जे तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई। कार्रवाई का विरोध करने अन्य भाजपा नेताओं के पहुंचने की आशंका पर दोपहर एक बजे बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रही। छज्जे तोड़ने की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही कुछ पुलिस बल वहां से हटाया गया।
पत्रकार पांडे ने कहा कि एमडीडीए यह सारी कार्रवाई मुख्यमंत्री के इशारे पर कर रहा है। जिस हिस्से को तोड़ा गया, उसका एमडीडीए में कंपाउंड जमा किया जाना था। लेकिन उन्हें इसका समय नहीं दिया गया और न ही नोटिस दिया गया।
स्टे लेने का भी समय नहीं दिया गया। नोटिस देने की प्रक्रिया बैक डेट में औपचारिकता के लिए की गई है। उधर, एमडीडीए सचिव पीसी दुम्का ने बताया कि इस बारे में पहले नोटिस दिए जा चुके थे। नियमानुसार ही पूरी कार्रवाई की गई है।
सीएम ने दी है हत्या की सुपारी: पांडे
पत्रकार अशोक पांडे ने मीडिया से कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार को उजागर करने का नतीजा उन्हें इस रूप में मिल रहा है। जब से मुख्यमंत्री हरीश रावत के सचिव का स्टिंग किया है, तब से उनका और उनके परिवार का उत्पीड़न किया जा रहा है।
परिवार और उन्हें डराया धमकाया जा रहा है। जबकि भ्रष्टाचार के आरोपी गोवा में ऐश कर रहे हैं। आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बदमाशों को उनकी हत्या की सुपारी दी है।
शाम को नेता प्रतिपक्ष ने दिया धरना
नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट शाम को पत्रकार अशोक पांडे के टैगोर विला स्थित भवन के बाहर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई के बजाय बदले की कार्रवाई से पत्रकार का उत्पीड़न कर रहे हैं।
चेतावनी दी कि भाजपा किसी भी सूरत में मुख्यमंत्री और कांग्रेस सरकार की तानाशाही को बर्दाश्त नहीं करेगी। धरने पर भाजपा नेता उमेश अग्रवाल, विपिन राणा आदि भी शामिल हुए।