जमीनी विवाद के एक मामले में उत्तराखंड पुलिस का ऐसा बर्बर चेहरा सामने आया कि कुछ घंटों के लिए नानकमत्ता जंग के मैदान में तब्दील हो गया।
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बुधवार को नानकमत्ता में हत्या के प्रयास में नामजद ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख के पति की धरपकड़ को गई पुलिस ने कथित रूप से आरोपी के परिजनों पर लाठियां भांज दीं और उनके भाई की पगड़ी उछाल उसे घसीटते हुए थाने ले आई। इस दौरान ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख और घर की अन्य महिलाओं से पुलिस कर्मियों ने बदसलूकी की।
इससे आक्रोशित व्यापारी और ग्रामीणों ने थाना घेरा। आरोपी पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और थाना स्टाफ के स्थानांतरण की मांग को लेकर चार घंटे तक धरना चला। थाने पर हंगामे से सारी रात भारी पुलिस बल तैनात रहा। एएसपी ने घटना की जानकारी लेने के बाद आरोपी दरोगा को सस्पेंड और दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया।
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बुधवार को जमीनी विवाद के मामले में पुलिस ने नानकमत्ता के पूर्व प्रधान दलजीत सिंह की तहरीर पर ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख गुरविंदर कौर के पति सतनाम सिंह सोनू और उनके साथी के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी।
पुलिस ने महिलाओं संग की अभद्रता
देर रात हल्का इंचार्ज प्रदीप चौहान पुलिस कर्मियों के साथ ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख के घर आदर्श ज्ञान मंदिर गली पहुंचे। आरोप है कि पुलिस दरवाजे को धक्का मारकर घर के अंदर घुसी। हल्का इंचार्ज ने ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख से उनके पति सोनू के बारे में पूछा।
जैसे ही गुरविंदर ने पति के बाहर जाने की बात कही तो पुलिस ने गाली-गलौज करते हुए मारना-पीटना शुरू कर दिया। गुरविंदर को बचाने आई देवरानी सुखविंदर कौर पत्नी हरप्रीत सिंह और सास कुलवंत कौर (65) पर भी पुलिस ने लात घूंसे व लाठियां भांजी।
इस बीच सोनू का भाई हरप्रीत अपनी मिठाई की दुकान बंद कर घर पहुंचा तो पुलिस कर्मियों ने उसकी पगड़ी उछाल दाढ़ी के बाल नोच डाले और घसीटते हुए थाने ले गई। इससे आक्रोशित ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख गुरविंदर कौर ने सैकड़ों व्यापारी व ग्रामीणों के साथ थाना घेरा। ग्रामीणों की भीड़ देख पुलिस ने थाना गेट पर ताला जड़ दिया।
इस पर ग्रामीण सहकारी गन्ना विकास समिति के पूर्व चेयरमैन कुंवर शिववर्धन सिंह के साथ गेट पर ही धरने पर बैठ गए और थाना स्टाफ को स्थानांतरित करने, आरोपी दरोगा और पुलिस कर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे। आरोप था कि दरोगा और सिपाही शराब के नशे में धुत थे।
शिववर्धन ने एसएसपी नीलेश आनंद भरणे को घटना की जानकारी दी। इसके बाद खटीमा सीओ उत्तम नेगी के नेतृत्व में भारी पुलिस फोर्स थाने पहुंचा। एएसपी टीडी वैला ने भी थाने पहुंच जानकारी ली। इसके बाद वैला ने एसएसपी के निर्देश पर हल्का इंचार्ज प्रदीप चौहान को सस्पेंड और सिपाही गणेश जोशी और सुभाष प्रसाद को लाइन हाजिर कर दिया।
थानाध्यक्ष रजत कसाना ने भी खेद जताया। प्रदर्शनकारियों में अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश सचिव प्रेम सिंह टुरना, डॉ. देवेंद्र सिंह, अमित अग्रवाल, स्वर्ण सिंह, विजय अग्रवाल, अतर सिंह, मलूक सिंह खिंडा, तरसेम सिंह, बलजीत सिंह आदि थे।
घर में घुसकर अभद्रता व मारपीट मामले की जांच खटीमा सीओ उत्तम सिंह नेगी करेंगे। एएसपी टीडी वैला ने सीओ को 15 दिन के भीतर जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
रंजिश रख पुलिस ने मचाया आतंक ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख गुरविंदर कौर ने पुलिस पर रंजिशन आतंक मचाने का आरोप लगाया। कहा कि पुलिस ने जब दबिश दी तो कोई भी पुरुष घर पर नहीं था। पुलिस के पास न तो सर्च वारंट था और न ही कोई महिला कांस्टेबल साथ थी। पुलिस ने महिलाओं से अभद्रता की।
उन्होंने कहा कि तीन अप्रैल को मंदिर के पुजारी और सेवादारों की थानाध्यक्ष द्वारा पिटाई करने के मामले में उनके पति सतनाम सिंह सोनू ने विरोध किया था। तभी से थानाध्यक्ष रंजिश मान रहे थे और षड्यंत्र के तहत उनके पति पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया। उन्होंने मामले की जांच अन्य थाने के पुलिस अधिकारियों से कराने की मांग की।
थानाध्यक्ष के खिलाफ होगी कार्रवाई सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने नानकमत्ता पहुंचकर भाजपाइयों से घटना की जानकारी ली। विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा के नेतृत्व में ग्रामीणों और धार्मिक संस्थाओं के लोगों ने ज्ञापन देकर थानाध्यक्ष रजत कसाना के खिलाफ आक्रोश जताया। उन्होंने मामले की जांच कर थानाध्यक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
इस पर सांसद ने आईजी पीएस सैलाल से फोन पर बात कर थानाध्यक्ष के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने को कहा। इस मौके पर गुरुद्वारा प्रबंधक रणजीत सिंह, कै. सुरजीत सिंह, बलजीत सिंह, उमेश अग्रवाल, महेंन्द्र सिंह बड़वाल, जगदीश जोशी, नितिन अग्रवाल, सतनाम मित्तल आदि थे।