फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रुड़की: जंगल में चल रही थी अवैध हथियारों की फैक्ट्री, तमंचा बनाते दो आरोपी गिरफ्तार 

Tue, 06 Aug 2019 08:27 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की (भगवानपुर)
विज्ञापन
गिरफ्तार हुए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

वाइल्ड लाइफ एक्ट में फरार आरोपी की तलाश में सिकरौढ़ा के जंगल गई पुलिस को हथियार बनाने की फैक्ट्री पकड़ने में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने फैक्ट्री चला रहे दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। मौके से बड़ी संख्या में अर्द्धनिर्मित तमंचे, लोहा और पाइप मिले हैं।

विज्ञापन


पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस दोनों के संपर्क में रहने वालों को भी चिह्नित कर रही है। साथ ही पता लगा रही है कि किसके जरिये तमंचा सप्लाई करते थे।

एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान छेड़ा हुआ है। इसी कड़ी में रविवार रात भगवानपुर थाना पुलिस वाइल्ड लाइफ एक्ट से संबंधित केस में फरार चल रहे आरोपी छोटा निवासी सिकरौढ़ा गांव की तलाश में उसके घर गई थी। यहां पता चला कि आरोपी काफी समय से रात में घर पर नहीं रहता है।
विज्ञापन


थानाध्यक्ष संजीव थपलियाल और एसआई प्रवीन रावत ने ग्रामीणों से जानकारी ली तो पता चला कि वह अक्सर जंगल में देखा जाता है। इसके बाद पुलिस सिकरौढ़ा के जंगल पहुंची। यहां एक मकान से आवाज सुनाई दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो छोटा और महमूद निवासी कालेवाला खेड़ी अवैध तमंचे बनाते हुए मिले।

पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उन्होंने बताया कि अधिक पैसे कमाने के लिए तमंचे बनाकर बेचने का काम कर रहे थे। एक तमंचा चार हजार रुपये में बेचने की बात कबूली।

एसओ संजीव थपलियाल ने बताया कि फैक्ट्री से 315 बोर का एक तमंचा, कारतूस, दो अर्द्धनिर्मित 32 बोर के तमंचे, एक अर्द्धनिर्मित 315 बोर का तमंचा, एक ग्राइंडर मशीन, एक ड्रिल मशीन, लकड़ी की पटरी के साथ लोहे की बाट, तमंचे बनाने के पुर्जे समेत बड़ी संख्या में लोहे का सामान बरामद किया है। पुलिस ने फैक्ट्री से पूरा सामान अपने कब्जे में लिया और थाने ले आई। पुलिस टीम में करन कुमार, रणवीर, हमीद खान, विनोद अमोला और संजीव राठी भी शामिल थे।

विज्ञापन

दोनों पहले भी जा चुके हैं जेल

एसओ संजीव थपलियाल ने बताया कि महमूद तमंचे बनाने का पुराना कारीगर है। वह वर्ष 2012 में भी तमंचे बनाने के आरोप में भगवानपुर थाने से जेल जा चुका है। छह महीने पूर्व वह सहानपुर के थाना फतेहपुर से तमंचे बनाने के मामले में भी जेल जा चुका है जबकि छोटा लकड़ी चोरी में वाइल्ड लाइफ एक्ट के तहत और मारपीट के मामले में जेल जा चुका है। दोनों वर्तमान में जमानत पर बाहर थे। छोटे के खिलाफ वाइल्ड लाइफ एक्ट के मामले में कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी किए थे।

75 साल का हो चुका है महमूद
महमूद का पुराना आपराधिक इतिहास है। भले ही वह तमंचे बनाने के मामले में पहले भी जेल जा चुका है, लेकिन 75 साल की उम्र में भी ज्यादा पैसा कमाने की उसकी कसक कम नहीं हुई। उम्रदराज होने के बाद भी वह तमंचे बनाने के काम में लगा रहा। ग्रामीणों की मानें तो इतना बुजुर्ग होने पर लोग अब यह मानते थे कि उसने तमंचे बनाने का काम छोड़ दिया है। इसलिए वह रात के समय में कहां जाता था, कोई शक नहीं करता था। लेकिन, अब भी वह अवैध काम करता है, इसकी जानकारी शनिवार की रात लोगों को हुई।

यूपी तक सप्लाई होते हैं तमंचे
पुलिस सूत्रों की मानें तो छोटा और महमूद के कनेक्शन वेस्ट यूपी तक हैं। वे तमंचा बनाने के बाद सप्लायर के जरिये वेस्ट यूपी में तमंचे सप्लाई करते थे। इतना ही नहीं डिमांड पर भी एडवांस में पैसे लेकर 32 बोर का तमंचा तैयार करते थे। दोनों की अवैध हथियारों का कारोबार करने वाले वेस्ट यूपी के लोगों से अच्छी जान पहचान है। इसके चलते ही वह आसानी से तमंचे बेच रहे थे, लेकिन वह पुलिस की आंखों में ज्यादा दिन धूल नहीं झोंक सके और आखिरकार सलाखों के पीछे पहुंच गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें